पौथिया (हमीरपुर)। ललपुरा थानांतर्गत उजनेड़ी गांव के पास शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। खेतों में काम रहे किसान और सड़कों से गुजर रहे राहगीर दौड़ पड़े। जिसे जैसा समझ में आया वह बस के अंदर फंसे घायलों को निकालने लगा। कई के सिर से खून बह रह था। इसी बीच ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल पुलिस और एंबुलेंस भी मदद के लिए पहुंच गई। गोल्डन अवर में सहायता मिल जाने से कई गंभीर घायलों की जान बच गई।
उजनेड़ी गांव निवासी अंकुर सिंह ने बताया कि वह शनिवार सुबह बारिश के चलते खेतों की स्थिति देखने गया था। वहां से वापस आते समय अचानक किसी वाहन के टकराने की तेज आवाज सुनाई दी और लोग चीखने चिल्लाने लगे। उसे दुर्घटना का अंदाजा हो गया था। उसने शोर मचा दिया। इससे दूसरे खेतों में भी काम कर रहे किसान सड़क की तरफ दौड़ पड़े। वहां पहुंचे तो बस के अंदर सवारियां चीख रहीं थीं। किसी से सिर तो किसी के हाथ से खून बह रहा था। उन्होंने सबसे पहले गंभीर घायलों को बाहर निकला। इसी बीच सड़क से निकलने वाले बाइक सवार, कार चालक आदि मदद के लिए आ गए। पुलिस के साथ एंबुलेंस को सूचना दी। एक दो यात्रियों के अलावा हर कोई कराहता दिखा। घायलों को बस से निकाल पहले सड़क किनारे तक पहुंचाया। उसके बाद उन्हें एंबुलेंस से तत्काल अस्पताल भेजा गया। सही समय पर घायल अस्पताल पहुंच गए। वरना कई और जाने जा सकतीं थीं।
जिला अस्पताल में बजा अलार्म, दौड़े डॉक्टर व स्टाफ
हमीरपुर। जिला अस्पताल में एंबुलेंस के पहुंचते ही इमरजेंसी अलार्म बजा और स्टाफ दौड़कर इमरजेंसी कक्ष में पहुुंचा। एक साथ 17-18 लोगों के पहुंचने से अफरा तफरी मच गई। कोई चिकित्सक को अपनी ओर बुलाते हुए सिर में दर्द की बात कह पट्टी की बात कहता दिखा तो कोई पैर में चोट होने की बात दर्द से कराहता नजर आया। स्टाफ ने क्रम से सबका प्राथमिक इलाज शुरू किया।
घायल यात्री नीरज ने बताया कि वह कानपुर के कोयला नगर निवासी है और कुलपहाड़ में एसबीआई के मैनेजर है। कानपुर जाने के लिए बस में कुलपहाड़ से बैठे थे। शिल्पी ने बताया कि वह बहन दीक्षा के साथ हमीरपुर में दीदी के यहां कार्यक्रम में आ रही थी। बहन के हल्की चोट लगी है। गेंदा सिंह ने बताया कि वह लखनऊ के अस्पताल में भर्ती भतीजी कोे देखनेे जा रहे थे। बृज किशोर ने बताया कि वह हमीरपुर के एक स्कूल में पढ़ रहे बेटे से मिलने आ रहे थे। जुलेखा के अनुसार वह हमीरपुर में एक गमी में शामिल होने आ रहे थे। जबकि निकेत पाठक ने बताया कि वह यूपी पीसीएस की परीक्षा देने लखनऊ जा रहे थे। अचानक हुई घटना ने उन्हें यहां पहुंचा दिया। बस में केवल एक महिला यात्री रोशनी अपनी बेटी के साथ सुरक्षित बची।
अलार्म बजने के एक घंटे बाद पहुंचे सीएमएस
हमीरपुर। घायलों के जिला अस्पताल पहुंचने की सूचना पर स्थानीय कोतवाल राकेश कुमार वहां पुलिस के साथ पहुंचे। करीब आधा घंटे बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व विजय शंकर त्रिपाठी पहुंचे। इसके बाद सीडीओ अरुण कुमार सिंह अस्पताल पहुंचे। कुछ समय बाद सीएमओ डॉ. गीतम सिंह के पहुुंचने के बाद 9:23 बजे सीएमएस डॉ. एसपी गुप्ता आए। जबकि अलार्म आठ बजे बजा था। सीएमओ ने अस्पताल में सीएमएस का नंबर कहीं अंकित न होने पर इसे लिखवाने के निर्देश दिए।
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16 घायलों को दी पांच-पांच हजार रुपये मदद
वह पहले घटना स्थल पर चले गए थे। वहां से लौटने के बाद जिला अस्पताल पहुंचे और चालक परिचालक समेत गंभीर रूप से घायल 16 लोगाें को पांच-पांच हजार रुपये दिए गए है। मृतक का नाम पता दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद वह परिजनों से आवश्यक कागजात लेकर शासन को भेजेंगे। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद मृतक के वारिस को 7.50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
आरपी साहू, एआरएम
फोटो 27 एचएएमपी 23= इमरजेंसी कक्ष के बाहर मौजूद भीड़। संवाद