राठ के सरसई गांव में टीकाकरण के दौरान खाली वैक्सीन के बॉक्स
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राठ। क्षेत्र के सरसई गांव में टीकाकरण के लिए वैक्सीन के खाली बॉक्स लेकर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए टीम को जमकर खरीखोटी सुनाई। बाद में वैक्सीन भेज कर टीकाकरण कराया गया।
शुक्रवार सुबह 10 बजे गोहांड सीएचसी की टीम सरसई गांव में टीकाकरण के लिए पहुंची। प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों को इकट्ठा किया जा रहा था। काफी समझाने बुझाने पर कुछ ग्रामीण वैक्सीन लगवाने पहुंचे। वैक्सीन लगवाने के लिए युवा भी बड़ी संख्या पहुंचे। वैक्सीन का डिब्बा खोलते ही एएनएम रामफली देवी डिब्बा खाली देख दंग रह गईं।
आनन-फानन में दूसरा डिब्बा खोला तो वह भी खाली निकला। इससे स्वास्थ्य विभाग की खासी किरकिरी हुई। वैक्सीन लगवाने के लिए बैठे ग्रामीणों ने हंगामा कर टीम को जमकर खरीखोटी सुनाई। टीम की सूचना पर विभाग द्वारा वैक्सीन उपलब्ध कराने पर टीकाकरण का कार्य शुरू हुआ। सीएचसी प्रभारी डा. अंजुम निरंजन ने कहा कि एक साथ तीन जगह टीकाकरण हो रहा है। दूसरे गांव के खाली डिब्बे पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि तुरंत वैक्सीन भेज कर टीकाकरण कार्य प्रारंभ कराया गया है।
भौरा में प्रधान के प्रयास से 300 से अधिक ग्रामीणों ने वैक्सीन लगवाई है। प्रधान सुरेंद्र सिंह भदौरिया ने ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। प्रधान के प्रयास से सैकड़ों ग्रामीण तैयार हो गए हैं। ग्रामीणों का उत्साह देखकर ग्राम प्रधान ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. महेश चंद्रा को अवगत कराया और टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य टीम गांव भेजने का आग्रह किया था। यहां पर अभी तक 300 से अधिक लोगों को वैक्सीनेशन किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम प्रधान के प्रयासों की सराहना की है। ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्रामीणों को बीमारियों से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।