जिला अस्पताल में मरीजों की डायलिसिस करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
- फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। जिला अस्पताल में किडनी रोग विशेषज्ञ न होनेे से मरीजों को कानपुर, उरई, झांसी की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां पर सिर्फ डायलिसिस की ही सुविधा है। लंबी दौड़ से बचने के लिए कुछ मरीज प्राइवेट डॉक्टरों का सहारा लेते हैं।
जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजीशिनय डॉ. पियूष मिश्रा ने बताया कि किडनी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डायलिसिस केंद्र के प्रभारी ज्ञानेंद्र ने बताया कि किडनी फेल होने के कारण हर माह औसतन 250 मरीज डायलिसिस करवा रहे हैं। सीएमएस डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल में किडनी मरीजों के लिए हेरीटेज संस्था पीपीपी माडल के तहत चार बेड की डायलिसिस की सुविधा दे रही है। अस्पताल में किडनी रोग विशेषज्ञ का पद खाली है।
टेढ़ा गांव निवासी गरिमा कहती हैं कि उनकी मां सरजू देवी पांच साल से किडनी खराब होने से इलाज करवा रहीं हैं। उन्हें लगातार डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। कई बार तबियत बिगड़ने पर इलाज के लिए कानपुर जाना पड़ता है। मौदहा निवासी चंदा ने बताया कि पति राजेश एक साल से किडनी खराब होने से इलाज करवा रहे हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टर न होेने बड़ी समस्या होती है। कानपुर की दौड़ लगानी पड़ती है।