मौदहा में गढ़ा गांव से नाव के सहारे रपटा पार करते ग्रामीण। संवाद
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हमीरपुर। यमुना और बेतवा नदियों में फिर बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार सुबह आठ बजे बेतवा में 5.44 लाख क्यूसेक और यमुना में 10 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे नदियों का जलस्तर तीन से चार मीटर तक बढ़ सकता है। इतना जलस्तर बढ़ा तो नदियां खतरे का निशान को पार का जाएंगी।
मौदहा बांध के अधिशासी अभियंता करन पाल सिंह ने बताया कि कर यमुना का जलस्तर 101.030 मीटर और बेतवा का 101.970 मीटर पर पहुंच गया है। यमुना में खतरे का निशान 103.630 और बेतवा में 104.540 मी. पर दर्ज है। बाढ़ की आशंका के चलते सदर, सरीला व मौदहा क्षेत्र के गांवों में हाई एलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारी गांवों में नजर बनाए हैं।
गढ़ा गांव का रास्ता बंद, चलने लगी नाव
मौदहा। लगातार बारिश होने से क्षेत्र में नाले और नदियां उफनाने से कई गांवों की सड़कों पर बने रपटा पुल डूब गए हैं। केन नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने से पानी गांवों के करीब तक पहुंच गया है।
गढ़ा गांव के पूर्व प्रधान राम सजीवन ने बताया कि नदी का जलस्तर और बढ़ता तो गांव पानी से घिर जाएगा। अभी रपटा पुल पर 15 से 20 फीट तक पानी बह रहा है। सोमवार रात से आवागमन बंद है। लोग नावों का सहारा ले रहे हैं।
कुरारा संवाद के अनुसार बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पारा गांव निवासी रणधीर सिंह, शिवम तिवारी, मोहन सिंह भदौरिया आदि ने कहा कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बुधवार को पारा और कुरारा गांवों के रास्ते बंद हो जाएंगे। ग्रामीणों को दूसरे मार्गों से कस्बे व जिला मुख्यालय जाना पड़ेगा। नदी किनारे के खेतों की फसलें डूबने लगी हैं।
सरीला क्षेत्र के भेड़ी जलालपुर गांव में बेतवा नदी में डूबा महेश्वरी माता मंदिर। संवाद- फोटो : HAMIRPUR