राठ (हमीरपुर)। स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार समिति ने ब्रह्मानंद महाविद्यालय के अखंड मंदिर में पुरस्कार समारोह आयोजित किया। गोसेवा व शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2022 का स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार संत हरवंश सिंह निर्मल उर्फ भदौरिया महाराज को दिया गया।
समिति के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने बताया भदौरिया महाराज के प्रतिनिधि जगदंबा सेवा समिति के मंत्री जुगल किशोर आसेरा को मुख्य अतिथ पद्यश्री विभूषित बाबूलाल दहिया ने पुरस्कृत किया। पुरस्कार में स्वामी ब्रह्मानंद की प्रतिमा, सनद, मेडल, दस हजार रुपये सम्मान राशि व अंग वस्त्र दिए गए। बताया गो-सेवा व शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारतीय व गैर भारतीय नागरिकों को प्रतिवर्ष स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार दिया जाता है।
समारोह में प्रेमसिंह किसान, पूर्व जज प्रेम सिंह गहलोत, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, विधायक मनीषा अनुरागी, चरखारी विधायक बृजभूषण सिंह, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, एमएलसी मानसिंह यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री धूराम चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीनिवास बुधौलिया, डॉ इंद्रपाल सिंह, डॉ उमाकांत सिंह, लक्ष्य के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मपाल लोधी, एमडी बाबू, ब्लाक प्रमुख अरविंद मुखिया गोहांड, वीरनारायण सिंह मुस्करा, चंद्रवती राजपूत, उमेश यादव, दानिश खान, मानबहादुर आदि मौजूद रहे।
समाज कल्याण में समर्पित किया जीवन
राठ। स्वामी ब्रह्मानंद जी का जन्म 4 दिसंबर 1894 को सरीला तहसील के बरहरा गांव में साधारण किसान के परिवार में हुआ था। 23 वर्ष की उम्र में सन्यास लेकर लोक कल्याण में समर्पित हुए। सन्यास के बाद पैसों को हाथ नहीं लगाया। स्वाधीनता आंदोलन में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू तथा गणेश शंकर विद्यार्थी के निकट संपर्क में रहे। सविनय अवज्ञा आंदोलन, नमक कानून तोड़ने एवं रियासतों के मुक्ति आंदोलनों में अनेकों बार जेल यात्रायें कीं।स्वामी जी 13 सितंबर 1984 को ब्रह्मलीन हो गए थे।
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निर्वाण दिवस पर स्वामी जी को अर्पित की श्रद्धांजलि
स्वामी ब्रह्मानंद जी के 39वें निर्वाण दिवस पर बीएनवी डिग्री कॉलेज स्थिति समाधि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। नगर सहित दूरदारज से आए हजारों लोगों ने समाधि पर पुष्प अर्पित किए। महाविद्यालय में चल रहे अखंड गीता पाठ का समापन व हवन पूजन हुआ।