हमीरपुर के मौदहा कस्बे के हुसैनगंज निवासी बीएसएफ के जवान के साथ मारपीट के मामले में कोर्ट के आदेश पर पांच दरोगा व पांच सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हुसैनगंज निवासी रमजान ने कोर्ट में दिए प्रार्थना में बताया था कि उनका पुत्र मो. शाहिद उर्फ छोटू मौजूदा समय में बीएसएफ में तैनात हैं।
19 सितंबर को वह दिल्ली से छुट्टी पर घर आए थे। यहां स्थानीय लोगों की समस्याओं व क्षेत्र में हो रहे मौरंग के अवैध खनन की शिकायत उनके पुत्र ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ से की थी। मामले की पुलिस महानिदेशक ने गोपनीय जांच कराई।
जिसकी भनक सीओ व तहसीलदार को होने पर उन्होंने बीएसएफ जवान से अपनी शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और कोतवाली के दरोगा गुलाब सिंह सिपाहियों के साथ 25 सितंबर को उनके घर आए और पुत्र को घसीट कर कोतवाली ले गए। जहां पर तहसीलदार पहले से ही मौजूद थे।
उनके पुत्र के साथ कोतवाली में मारपीट की गई और कई झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए। पीड़ित पिता ने बताया मारपीट में उनके पुत्र के हाथ की अंगुली में फ्रैक्चर हुआ था। बाद में जमानत पर रिहा हुए। पीड़ित के अधिवक्ता की अपील सुनकर अदालत ने मामले में संबंधित उपनिरीक्षक गुलाब सिंह, देवीदीन, जुबैर खान, तौफीक अहमद, देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद सरोज, संदीप मिश्रा, राहुल कुमार, अमित सिंह व रणवीर कुमार पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने रविवार रात मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की है।