उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव व मतदान के दौरान कोरोना से हुई मौत पर शिक्षकों को मुआवजा देने की घोषणा की। इस पर प्रदेश में 1621 मौतों के दावे प्रस्तुत किए गए। इनमें जनपद के चार शिक्षक शामिल हैं। उधर शिक्षक कर्मियों की मौत के दावे को सरकार गलत व निराधार बता रही है। सिफ तीन शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी के दौरान मौत की बात कहे जाने से शिक्षक संगठनों में आक्रोश है।
ग्राम पंचायत चुनाव में सबसे अधिक शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जिसमें प्रधानाध्यापक, अध्यापक, शिक्षामित्र, अनुदेशक समेत अन्य चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी शामिल थे। कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश भर में तमाम शिक्षक कोरोना से असमय काल के गाल में समां गए। पंचायत चुनाव के दौरान संक्रमित कर्मचारियों की मौत को लेकर शिक्षक संगठनों ने प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की।