भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर)। पति की हत्या में नामजद विधवा को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने चरित्र प्रमाण पत्र जारी करके उसे क्लीन चिट दे दी। फिलहाल पुलिस का यह चरित्र प्रमाण पत्र एक वर्ष के लिए मान्य है। एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
चंदपुरवा बुजुर्ग गांव की रीना पर पति रमेश की हत्या का मुकदमा मौदहा कोतवाली में दर्ज है। पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने नौकरी के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनी में आवेदन किया। इसके लिए उसे चरित्रप्रमाण पत्र की जरूरत थी। रीना ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन किया।
18 फरवरी को उसे चरित्र प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। इसमें उसके उसकी छवि को बेदाग बताया गया है। रीना को कस्बे में ही कंपनी में नौकरी मिल गई। 15 सितंबर को उसने कंपनी के ठेकेदार पर छेड़खानी करने का आरोप लगाकर पुलिस अधीक्षक और थानाध्यक्ष के पास शिकायत कर दी। जांच में आरोप झूठा निकाला था।
थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मामला उनके समय का नहीं है। महिला को कैसे प्रमाण पत्र जारी कर दिया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। चरित्र प्रमाण पत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी होता है। रिपोर्ट जरूर थाना स्तर से दी जाती है।
एसपी शुभम पटेल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। हत्या की आरोपी महिला को बेदाग होने का चरित्र प्रमाणपत्र जारी होना गंभीर चूक है। मामले की जांच सीओ यातायात आशीष यादव को सौंपी गई है। इस मामले में थाने से लेकर मेरे कार्यालय तक जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।