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Hamirpur News: बसें खटारा...हादसा हुआ तो जिंदगी न मिलेगी दोबारा

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हमीरपुर। राठ और हमीरपुर डिपो की 59 बसें बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। इन खटारा बसों में सफर करते मुसाफिरों की जान खतरे में है। एआरटीओ प्रशासन ने दोनों डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक पत्राचार में उलझे हैं।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि रिकार्ड के अनुसार हमीरपुर डिपो और राठ डिपो की 59 बसें ऐसी हैं जिनकी फिटनेस प्रक्रिया पूर्ण नहीं है। सर्दी के मौसम में कोहरे और धुंध के बीच अनफिट वाहन खतरा बन सकते हैं। इसको लेकर दोनों डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को फिटनेस कराने के लिए पत्राचार किया गया है।
वहीं इस संबंध में हमीरपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अकील अहमद खान ने बताया कि इस संबंध में एआरटीओ का पत्र प्राप्त हुआ है। कुछ बसों की फिटनेस होनी हैं।
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राठ एआरएम राजेश सिंह का कहना है कि उन्हें अभी पत्र नहीं मिला है। बताया कि सभी बसों की फिटनेस हैं। फिटनेस प्रक्रिया अब जटिल है हो सकता है उनके पोर्टल पर न चढ़ी हो। पत्र मिलते ही मिलान कराया जाएगा।
हमीरपुर डिपो में पड़ताल की गई तो पाया गया कि डिपो में खड़ी बसों के शीशे गायब है। जिससे मुसाफिर यात्रा के दौरान ठिठुर रहे हैं। वहीं सुबह शाम कोहरा और धुंध बढ़ गई है लेकिन ज्यादातर बसों के वाइपर और फाग लाइट ही नहीं हैं, अग्निशमन यंत्र भी गायब हैं। जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। मुसाफिरों की जान खतरे में है।
हांफ रही हैं डिपो की 54 बसें
राठ डिपो में कुल 88 बसें हैं। जिसमें 10-15 गाड़ियां खराबी के कारण प्रतिदिन डिपो में रहती हैं। खटारा बसें ज्यादातर लोकल रूट पर चल रही हैं। अच्छी कंडीशन की बसों में एक बस राठ से बनारस, राठ से उतरौला चार, राठ से दिल्ली आठ, राठ से लखनऊ छह बसें चल रहीं हैं। वहीं लोकल रूट पर राठ से झांसी 10, राठ से कर्वी एक, राठ से हमीरपुर छह, राठ से कानपुर 10, राठ से मौदहा चार, राठ से छतरपुर तीन बसें दौड़ रहीं हैं।
एआरएम राजेश सिंह ने बताया कि 54 बसें ऐसी हैं जो 10 से 15 लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं, जिनमें अक्सर खराबी आ जाती है। मेंटीनेंस कर बसों को दौड़ाया जा रहा है।
10 लाख किलोमीटर चल चुकी हैं 25 बसें
हमीरपुर डिपो के बेड़े में कुल 63 बसें हैं। जिसमें 15-18 बसें खराबी के कारण डिपो में रहती हैं। अच्छी कंडीशन की छह बसों को हमीरपुर से दिल्ली, छह बसें हमीरपुर से गोरखपुर दौड़ रहीं हैं। इसके अलावा स्थानीय मार्गों पर खटारा बसें दौड़ रहीं जिससे रास्ते में ही बसें खराब हो जाती हैं। हमीरपुर से बांदा सात बसें, हमीरपुर से उरई आठ, हमीरपुर से राठ सात, हमीरपुर से कानपुर 20, हमीरपुर से महोबा 10 चलती हैं। डिपो की 25 गाड़ियां ऐसी हैं जो 10 से 15 लाख तक चल चुकी हैं।
एआरएम अकील अहमद खान ने बताया कि 16 गाड़ियां ऐसी हैं जो मानक के अनुसार किमी. पूरा कर चुकी हैं जिनके नीलामी को लेकर प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल इन गाड़ियों को लोकल रूट पर चलाया जा रहा है।
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-हमीरपुर से उरई जा रहे राजकुमार ने बताया कि बसों में गंदगी है। शीश टूटे होने की वजह से ठंड का खतरा बना हुआ है। रोडवेज सिर्फ किराया वसूल रहा है यात्रियों को सुविधाएं नहीं दे पा रहा है।
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- हमीरपुर से कुरारा जा रहे प्रभुदयाल ने बताया कि बसों की दशा खराब है। जो आए दिन बीच रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। अनफिट बसों से कभी भी हादसा हो सकता है।
- मौदहा के मोमिन खान ने बताया कि बीते दिन वह हमीरपुर से मौदहा आ रहे थे, सर्दी का सीजन आ गया लेकिन बसों के शीशे गायब थे जिससे ठिठुरते हुए घर पहुंचे। किराया पूरा वसूला जा रहा लेकिन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
- मौदहा के भागवत प्रसाद का कहना है कि बीत दिन राठ जा रहे थे, तभी मुस्करा इमिलिया के पास बस खराब हो गई। डग्गामार वाहन से किसी तरह राठ पहुंच सके। खटारा बसें रास्ते में ही दम तोड़ देती हैं।
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-बिवांर के अमित मिश्रा ने बताया कि बीते दिन अपनी पत्नी के साथ एक शादी में शामिल होने पनवाड़ी गया था ,लेकिन रोडवेज की बसें इतनी खटारा हैं कि जब बस से उतरे तो कपड़ों में पीछे कालिख सी लग गई। खटारा बसों की सफाई तक नहीं हो रही।
कस्बा बिवांर के व्यापारी विष्णु कुमार गुप्ता का कहना है कि हर सप्ताह कानपुर जाना होता है, बीते दिन कानपुर से लौट रहा था तो उसकी बस पौथिया और उजनेड़ी के बीच में खराब हो गई। जब उसने परिजनों को घर से बुलाया तब घर पहुंच सका।
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