मुख्यालय के सरस्वती विद्या मंदिर में सोमवार को शैक्षिक संगोष्ठी हुई। इसमें मुख्य अतिथि आयुक्त वेंकटेश्वर लू ने कहा कि अच्छे कार्य करने वालों को मौका देना चाहिए।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय यहां तक पहुंचे हैं। सभी को शिक्षा के प्रति समर्पित होना चाहिए। सरस्वती विद्या मंदिर की प्रार्थना और व्यवस्था की प्रशंसा की। कहा कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं, धर्म मानना चाहिए।
सत्यनारायण सिंह ने कहा कि राष्ट्र का चिंतन, जीवन दर्शन, मातृभाषा शिक्षा व्यवस्था में शामिल होनी चाहिए। प्रधानाचार्य रमाशंकर ने विद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
इस मौके जिलाधिकारी संध्या तिवारी, अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार प्रजापति, डीआईओएस चंद्रशेखर मालवीय, जीआईसी के प्रधानाचार्य डॉ. योगेश ज्ञानी और जिले भर के सभी हाईस्कूल और इंटर कालेजों के प्रधानाचार्य मौजूद रहे।