सूखे के चलते सभी गांवों में पानी की समस्या है। ऐसे में 68 गांवों को जल संतृप्त करने के लिए जलनिगम ने एक अरब 66 करोड़ 80 लाख की अरतरा ग्राम समूह पेयजल योजना बनाई है। इसे स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा है। इससे ब्लाक सुमेरपुर के 24 और मौदहा के 44 गांवों में यमुना नदी का पानी लिफ्ट कर भेजा जाएगा।
सूखे के कारण नलकूपों का जलस्तर नीचे चला गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गईं टंकियां भी सूखी पड़ी हैं। सात नवंबर 2015 को जिले के मौदहा बांध में पौधारोपण करने आए सीएम अधिलेश यादव ने पेयजल संकट ग्रस्त गांवों को पानी मुहैया कराने का वादा किया था।
इसके बाद जलनिगम ने पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों को पानी मुहैया कराने की योजना तैयार की है। इसमें मौदहा ब्लाक के 11 ऐसे गांव भी हैं, जहां अब तक पानी उपलब्ध कराने को किए गए सभी प्रयास व्यर्थ रहे। ऐसे में जलनिगम ने अब नए सिरे से अरतरा ग्राम समूह पेयजल योजना तैयार की है। इसके तहत ट्रीटमेंट प्लांट पत्योरा गांव में स्थापित किया जाएगा। जलनिगम ने योजना का प्रस्ताव बनाकर ग्राम विकास सचिव को भेजा है।
नदी किनारे बनेगा इंटकवेल
यमुना नदी में इंटकवेल के जरिये पत्योरा गांव में स्थापित होने वाले ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को एकत्र किया जाएगा। पास में क्लियर वाटर रिजर्वायर कांस्टेंट प्रेशर टैंक बनेगा। उसके बाद जोनल रिजर्व वायर बनाया जाएगा। सात जोन में जोनल रिजर्व वायर की स्थापना की जाएगी। पाइपों के जरिये संबंधित गांवों में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
यहां है सर्वाधिक संकट
मौदहा ब्लाक के भैसमरी, छानी, चांदी, टिकरी, बक्छा, खैर, भवई, कपसा, गुसियारी, इचौली व नायकपुरवा गांव।
90 हैंडपंप हुए रिबोर
सूखे के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में 107 हैंडपंप और गोहांड के नलकूप रिबोर कराने का बजट जलनिगम को मिला है। अभी तक नलकूप का रिबोर कार्य जारी है। 90 हैंडपंप रिबोर किए जा चुके हैं।
ये योजना पेयजल संकट वाले गांवों को पानी मुहैया कराने में वरदान साबित होगी। योजना का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यह जिले की सबसे बड़ी योजना है।
आरएस मौर्य, अधिशाषी अभियंता जलनिगम