राठ। स्यावरी गांव निवासी श्रीपत सहाय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि मोहनलाल से एक लाख 23 हजार रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ था। 11 नवंबर 2010 को मोहनलाल ने धोखे से दूसरी जमीन का बैनामा कर दिया।
यह जमीन उसके भाई लक्ष्मण के नाम दर्ज थी। एक मई 2014 को लक्ष्मण से जमीन का बैनामा कराने पर धोखाधड़ी का पता चला। श्रीपत ने रुपये वापस मांगे तो मोहनलाल टालता रहा। पांच अगस्त 2025 को मोहनलाल ने वही जमीन दूसरे के नाम बेच दी। रुपये मांगने पर उसने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर सुनवाई न होने के बाद न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई है। कोतवाल अनूप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।