बुंदेलखंड पैकेज के तहत तीन वर्ष पूर्व बीपीएल परिवारों को अनुदान पर दी गईं बकरियों का अब कुछ पता नहीं है। वर्ष 2011 में पशुपालन विभाग ने ब्लाक स्तर पर छह गांवों में प्रत्येक लाभार्थी को दस बकरी और एक बकरा अनुदान पर दिया था।
लेकिन अब हाल ये है कि कई लाभार्थियों ने बकरियां बेच दी हैं और कई का कहना है कि बीमारी के चलते बकरियां मर गईं। शासन के निर्देश पर की गई जांच में अनुदान पर बांटी गई 500 बकरियों व पचास बकरों में 101 ही मौके पर मिले।
शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत सचिव और लेखपाल ने रिठारी गांव में लाभार्थियाें को टटोला। बकरी पालन के सत्यापन में पाया कि लाभार्थी बाबादीन के पास बकरी के दो बच्चे हैं।
जबकि अन्य लाभार्थियाें ने 108 यूनिट बकरियां बेच डालीं। कमोवेश यही हाल कुतुबपुर गांव में रहा। दस लाभार्थियों में महरूमनिशा और मन्नू देवी ही ऐसे लाभार्थी मिले जो बकरी पालन के धंधे को चला रहे हैं।
वहीं कमला व मुक्ताप्रसाद के पास चार-चार, मुन्नालाल व कुसुमलता के पास पांच-पांच, सुखदेवी व दशरथ के पास दो-दो, छोटेलाल के पास छह बकरियां मिलीं। जबकि कामता के पास एक भी बकरी नहीं मिली।
शीतलपुर में पांच लाभार्थियों में तीन के पास बकरियां मिलीं, रामजी के पास पांच व सुनीता के पास आठ यूनिट बकरी मिलीं। मेरापुर में पांच लाभार्थियों में सुमित्रा, रजनी, उमा, अनीता के पास एक भी बकरी नहीं मिली। वही रामश्री के पास पांच बकरियां मिलीं।
शिवनी गांव में बेटीबाई, लक्ष्मी, कामता, मलखान, बैजनाथ, बाबूखान व रामकली के पास एक भी यूनिट बकरी नहीं मिली। राममूर्ति के पास एक यूनिट बकरी मिली। रामबहादुर के पास दो, गजोधर के पास एक बकरी पाई गई।
मिश्रीपुर गांव में दस लाभाथियों में सुरेश, विजय सिंह, रामनारायन, रामऔतार, रामदास, आशा और राजेश ने भी बकरियां बेच दीं। रामेश्वर के पास दो, राधे के पास सात, बरदानी के पास दो बकरियां मिलीं।
जांच टीम के ग्राम पंचायत अधिकारी शिवनरेश राजपूत ने बताया कि लाभार्थियाें द्वारा 108 यूनिट बकरियां बेचा जाना पाया गया है। जांच रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी को दी जाएगी।
गृहस्थी चलाने को किया ऐसा!
बीपीएल परिवार के लोगों का कहना है कि तीन वर्ष पूर्व बकरियां दी गईं थीं। तब कहा गया था कि उन्हें तीन साल तक रखना जरूरी है। उनका कहना है कि गृहस्थी चलाने और पैसों की आवश्यकता पूरी करने को उन्होंने बकरियां बेच दीं। वहीं कुछ का कहना है कि ज्यादातर बकरियां बीमारी के चलते मर चुकी हैं।
इन गांवों के बीपीएल परिवार हुए लाभान्वित
पशुचिकित्सालय कुरारा से कुतुबपुर और रिठारी गांव में दस-दस बीपीएल परिवारों का चयन कि.या गया। प्रत्येक लाभार्थी को एक बकरा और दस बकरियां नि:शुल्क दी गईं। इसी तरह पशुचिकित्सालय मिश्रीपुर से जुड़े शिवनी व मिश्रीपुर गंावों का चयन हुआ। पशुपालन विभाग के सचल दल ने मेरापुर और शीतलपुर में दस-दस लाभार्थियों को 2011 में बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत बकरियां बांटीं थीं।