महोबा। कबरई बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले गंज गांव के 100 से अधिक किसानों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में धरना देकर प्रदर्शन किया। जमीनों और मकानों के डूब क्षेत्र में आने के बाद भी मुआवजा न दिए जाने से किसान परेशान हैं। उन्होंने सात दिन में मांगे पूरी न होने पर कलक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना देने और फिर लखनऊ तक पैदल मार्च करने की चेतावनी दी है।
अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कबरई बांध का निर्माण कुछ वर्ष पूर्व हुआ था। इसमें तत्कालीन समय में डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के अधिकांश किसानों को उनकी जमीनों का चार गुना और मकानों का कीमत के हिसाब से मुआवजा दिया गया। पुनर्वास पैकेज के तहत एक अप्रैल 2019 तक वयस्क होने वाले लोगों को 8.20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति मुआवजा दिया गया था। अब इस बांध का उच्चीकरण हुआ है। इससे अब बांध का भराव क्षेत्र बढ़ गया है। अब झिरसहेबा, गंज आदि गांव प्रभावित हो रहे हैं।
शुक्रवार को गंज गांव के किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां नारेबाजी करते हुए करीब दो घंटे तक धूप में धरना दिया। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम शिवध्यान पांडेय को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि कबरई बांध के डूब क्षेत्र में लगभग पूरा गांव आ रहा है। सिंचाई विभाग ने गांव में नए निर्माण पर प्रतिबंध भी लगा दिया है लेकिन मुआवजा कुछ लोगों को ही दिया जा रहा है। अधिकांश ग्रामीणों की जमीनें पहले ही अधिग्रहीत की जा चुकी हैं और अब उनके पास रोजगार का साधन नहीं बचा है। इसके साथ मुआवजा वितरण में विसंगतियां, अधिकारियों की मनमानी दूर करने की मांग भी रखी गई। धरना प्रदर्शन में भारतीय हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह, किसान संतराम त्रिपाठी, दीपक, सुखलाल, शान सिंह, महिपाल, चंपा अहिरवार, रामकली कुशवाहा, दिया कुमारी, रामस्वरुप, धनीराम रैकवार, रामभरोसे यादव, प्रीतम अनुरागी आदि शामिल रहे।