टेढ़ा मंडी में गेहूं की तौलाई करते पल्लेदार
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गेहूं खरीद करने के बाद 15 दिनों से यूपी एग्रो किसानों का भुगतान नहीं कर रही है। जिससे किसानों का लगभग 71 लाख रुपये का भुगतान लटक गया है।
क्षेत्र के टेढ़ा गांव में गेहूं की सर्वाधिक पैदावार होती है। जिसके कारण गेहूं खरीद के लिए टेढ़ा मंडी में दो केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिनका संचालन यूपी एग्रो द्वारा किया जा रहा है। इन केंद्राें में टेढ़ा ए में 4571 क्विंटल गेहूं खरीद की गई है।
जबकि बी केंद्र में 2087 क्विंटल गेहूं खरीद हुई है। लेकिन अभी तक सिर्फ 37 लाख रुपये किसानों को वितरित किया गया है। जबकि गेहूं की कीमत एक करोड़ से अधिक है। बीते 19 अप्रैल से धनराशि खत्म होने के कारण किसानों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
केंद्र प्रभारी भगवानदास शर्मा ने बताया कि दूसरे केंद्र के खाते में पांच लाख रुपये डंप पड़े हैं। लेकिन बैंक द्वारा चेकबुक न दिए जाने से इस धनराशि का भुगतान नहीं किया जा पा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक सिर्फ 1750 क्विंटल गेहूं का उठान हो सका है।
जबकि करीब 5 हजार क्विंटल अभी भी मंडी समिति में पड़ा हुआ है। कहना है कि ट्रक न मिलने से उठान नहीं हो पा रही है। उधर किसान रामकिशोर सिंह, राजेंद्र यादव, गोपीश्याम द्विवेदी, सौरभ सिंह आदि का कहना है कि किसानों के भुगतान लटकने से समस्या उत्पन्न हो रही है। किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि शीघ्र उनका भुगतान कराया जाएगा।