क्षेत्र के चंदपुरवा गांव में बर्बाद फसल देखकर सदमा लगने से एक किसान की मौत हो गई। उसने बैंक और साहूकारों से चार लाख कर्ज ले रखा था। इसे चुकाने की चिंता सता रही थी। मृतक की छोटी बेटी ने उसका दाह संस्कार किया।
चंदपुरवा गांव निवासी दिलीपचंद्र कुशवाहा (55) ने 18 बीघे जमीन में गेहूं और लाही की फसल बोई थी। लेकिन सूखे के कारण गेहूं की फसल सूख गई। वहीं सरसों की फसल माहू कीट लगने से नष्ट हो गई। रविवार सुबह दिलीपचंद्र खेतों पर गया और फसल देखकर दोपहर एक बजे घर लौटा।
उसने पत्नी शांतिदेवी से फसलें बर्बाद होने की बात कही और वहीं बेहोश हो गया। 108 एंबुलेंस से उसे पीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने किसान को मृत घोषित कर दिया। मृतक की विवाहिता पुत्री कंचन कुशवाहा ने बताया कि वह तीन बहने हैं। छोटी बहन अंकिता शादी योग्य है।
पिता ने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से डेढ़ लाख का केसीसी बनवाया था। जबकि क्षेत्रीय सहकारी समिति से खाद बीज के लिए 15 हजार रुपये कर्ज लिया। फसलें खराब होने के कारण बेटी की शादी के लिए करीब ढाई लाख रुपये कर्ज साहूकारों से लिया। कर्ज चुकाने और बेटी की शादी की चिंता के कारण सदमा लगने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने छोटी बहन अंकिता की पढ़ाई भी छुड़वा दी थी। अंकिता ने ही पिता का दाहसंस्कार किया।
आंवले के वृक्ष के पास अंतिम संस्कार की इच्छा पूरी
भरुआसुमेरपुर। मृतक किसान दिलीपचंद्र कुशवाहा की दो पुत्रियों कंचन और आराधना की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी अंकिता ने कहा कि वह पिता को मुखाग्नि देकर पुत्र का फर्ज निभाएगी। अंकिता ने बताया कि उसके पिता की इच्छा के अनुसार खेतों में आंवले के वृक्ष के पास उनका अंतिम संस्कार किया गया।