फोटो 04 एचएएमपी 08- सुमेरपुर में गायत्री गंगा का अवलोकन करते एनजीटी के दो सदस्यीय टीम। संवाद
भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। बुधवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की दो सदस्यीय टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कस्बे से होकर बहने वाली गायत्री गंगा में फैले अतिक्रमण व प्रदूषण की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत टीम मौदहा के लिए रवाना हुई, पुनरुद्धार की गई चंद्रावल नदी का अवलोकन किया।
कस्बे के समाजसेवी राजेश शिवहरे ने गायत्री गंगा को अतिक्रमण एवं प्रदूषण से मुक्त कराने की मांग को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने दो सदस्यीय टीम को मौके पर भेजकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में एनजीटी सदस्य हरीश कुमार महावर एवं डॉ. कीर्ति वर्मा ने नदी की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।
मीडिया से बातचीत में एनजीटी सदस्य हरीश कुमार महावर ने कहा कि गायत्री गंगा अतिक्रमण और प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। निरीक्षण रिपोर्ट शीघ्र ही ट्रिब्यूनल में दाखिल की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश चंद्र आर्य, बीडीओ आशीष कटियार सहित वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
याचिकाकर्ता राजेश शिवहरे ने बताया कि निरीक्षण के समय उन्हें मौके पर नहीं बुलाया गया, जिससे वह अपना पक्ष नहीं रख सके। अब मामले की अगली सुनवाई नौ मार्च को होगी, जिसमें वह ट्रिब्यूनल के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।