फोटो 08 एचएएमपी 14- बंडा में लाइन दुरुस्त करते विद्युत कर्मी। ग्रामीण
भरुआ सुमेरपुर। गत 28 मई को आए भीषण तूफान के 11 दिन बीत जाने के बाद भी विकासखंड क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। लंबे समय से बिजली गुल रहने के कारण ग्रामीणों को पेयजल सहित अन्य आवश्यक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराज ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
तूफान के दौरान सुमेरपुर विद्युत वितरण खंड में लगभग 1,703 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होकर गिर गए थे जिससे कस्बे के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। विभाग की ओर से अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन अब भी कई गांव अंधेरे में हैं।
वर्तमान में विदोखर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े बंडा गांव, सुमेरपुर द्वितीय उपकेंद्र से जुड़े अछरेला और बहरेला तथा पारा-रैपुरा उपकेंद्र से जुड़े धुंधपुर और कैथी समेत इनके आधा दर्जन छोटे-बड़े मजरे बिजली आपूर्ति से वंचित हैं।
बंडा गांव के पूर्व प्रधान एवं जनसत्ता दल के जिलाध्यक्ष ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया है। वहीं कैथी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से बिजली संकट दूर कराने की गुहार लगाई है।
बड़ी संख्या में पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण मरम्मत कार्य में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। बंडा गांव की विद्युत आपूर्ति सोमवार देर शाम तक बहाल किए जाने की संभावना है जबकि शेष प्रभावित गांवों में अगले दो दिनों के भीतर आपूर्ति शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। -एमपी सिंह, एसडीओ