हमीरपुर। कहने को तो शासन के आदेश का पालन कर पूरे जिले में 24 घंटे बिजली की अनवरत आपूर्ति की जा रही है, मगर ऐसा है नहीं। शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन चार से पांच घंटे की अघोषित कटौती होती है। कभी लोकल फाल्ट तो कभी अन्य समस्या बताकर कटौती की जा रही है। जबकि ग्रामीण इलाकों की हालत और भी ज्यादा खराब है। मंगलवार को चार घंटे आधे शहर की आपूर्ति बंद रही। जिससे लोग तेज धूप और उमस भरी गर्मी में परेशान हुए।
एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। जिस कारण भीषण उमस भरी गर्मी हो रही है। उधर अघोषित कटौती ने लोगों का जीना दुश्वार है। बिजली आपूर्ति न होने का असर पेयजल पर पड़ता है। गौरतलब हो शहर की पेयजल आपूर्ति नलकूपों से की जाती है। शहर में जलसंस्थान के अलावा अन्य नलकूपों में जनरेटर नहीं हैं। बिजली न रहने पर पेयजल बाधित हो जाता है। मंगलवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे टाउन फीडर की बत्ती गुल हो गई।
इस फीडर में अमन शहीद, पठकाना, रहुनियां धर्मशाला, कालपी चौराहा, गौरा देवी नई बस्ती, पुराना यमुना घाट, कजियाना, हाथी दरवाजा, मिश्राना, पशु अस्पताल व अन्य मोहल्लों की बिजली गुल रही। इससे जहां लोग गर्मी में बिना बिजली के बिलबिला गए। वहीं पेयजल न आने से लोग सुबह स्नान नहीं कर सके। अधिकांश लोगों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कालपी चौराहे के पास अंडरग्राउंड केबल खराब हो गई। जिसकी मरम्मत में समय लगा। कहा वह खुद जेई नरेंद्र कुमार के साथ मौके पर खड़े होकर लाइन को सही कराते रहे। करीब चार घंटे बाद दोपहर बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
पतारा गांव में एक सप्ताह से नहीं हो रही आपूर्ति
कुरारा विकासखंड के पतारा गांव निवासी महेंद्र कुमार ने बताया एक सप्ताह से गांव में बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। जिससे उमस भरी गर्मी वह लोग बेहाल हैं। यही फोरलेन हाईवे किनारे बसे गांव शीतलपुर का है। गांव निवासी चंद्रभान, राविंद्र कुमार, सियाराम ने बताया 24 घंटे में दस घंटे भी बिजली आपूर्ति नहीं होती है। कहा पूरी रात बिजली नहीं आती। कभी तारों तो कभी ट्रांसफार्मर से खराबी बताई जाती है।