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स्कूल खुले बच्चों के चेहरे खिले

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हमीरपुर। दस माह बाद बुधवार को जिले के 375 परिषदीय जूनियर विद्यालय खुले तो उत्सुकता में काफी छात्र समय से पहले ही पहुंच गए। लंबे समय बाद विद्यालय खुलने के कारण बुधवार को बच्चों ने यूनिफार्म को चकाचक करे पहनी। मगर बच्चों की उपस्थिति उतनी नहीं रही, जितनी होने चाहिए। जिले में 41 हजार बच्चों के सापेक्ष मात्र दस फीसदी ही स्कूल पहुंचे। स्कूलों में बच्चों को दो गज की दूरी पर बैठाया गया। कई स्कूलों में बच्चों को खाने के लिए भोजन भी बना, कई जगह नहीं बनाया गया।
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बुधवार को स्कूल खुलने पर शासन की गाइडलाइन का विधिवत ध्यान रखा गया। वहीं कई स्कूलों में गाइडलाइन के बाद भी सैनिटाइजर से हाथ नहीं साफ कराया गया। शहर के कुछ स्कूलों में प्रार्थना भी कराई गई, जबकि प्रार्थना नहीं करानी थी। मगर सामाजिक दूरी का पालन हुआ। झिन्ना वीरा स्कूल में बच्चों के न पहुंचने पर शिक्षकों ने भोजन बनवाकर खाया। बीएसए सतीश कुमार ने बताया जूनियर स्कूलों में 41 हजार बच्चे हैं। लेकिन पहला दिन होने के कारण बच्चे नहीं पहुंच पाए। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि बच्चों के घर-घर जाकर उनके माता-पिता से संपर्क करें। साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने को कहें। कहा जिन स्कूलों में शिक्षक गैरहाजिर पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विकासखंड सुमेरपुर के पत्योरा गांव में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब 300 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। जिसमें पांच अध्यापक तैनात हैं। लेकिन स्कूल खुलने के पहले दिन चार अध्यापक नहीं आए। सिर्फ 6 छात्र/छात्राएं आए। सहायक अध्यापक रवींद्र कनौजिया ने बताया पहला दिन है। जिसकी वजह से बच्चे कम आए हैं। प्रधानाध्यापिका रंजना विश्वकर्मा सरकारी कार्य से सुमेरपुर गई हैं। अनुदेशक सुनीता यादव को महाविद्यालय में संबद्ध किया गया है। अन्य के कारण भी बताए। यही हाल क्षेत्र के ज्यादातर विद्यालयों का रहा। उधर शहर के कुछ प्राइवेट विद्यालय खोले गए। कई गुरुवार से खुलेंगे। एक संचालक ने बताया कई माह से स्कूली वाहन खड़े हैं। जिनकी फिटनेस व बीमा समाप्त हो गया है। वाहनों की सर्विसिंग आदि करानी है। बच्चों की संख्या बढ़ने पर स्कूली वाहन चलाए जाएंगे।
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कहीं भीड़, कहीं सन्नाटा
सरीला। कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल बुधवार को खुलने पर छात्र-छात्राओं के चेहरों पर रौनक दिखी। मगर कहीं भीड़ तो कहीं सन्नाटा रहा। 11:05 बजे राजकीय इंटर कालेज में सन्नाटा था। यहां जूनियर स्तर के छात्र विद्यालय नहीं पहुंचे। प्रभारी प्रधानाचार्य परमात्मादीन ने बताया अभिभावकों को सहमति पत्र देने को बुलाया था, लेकिन कोई नहीं आया। समय 11:20 बजे शल्लेश्वर इंटर कालेज में आए छात्र-छात्राओं के चेहरों पर रौनक थी। कक्षा आठ में पढ़ रहे पीयूष ने बताया काफी दिन बाद स्कूल आए हैं। बहुत अच्छा लग रहा है। यहां के अध्यापक रामकुमार त्रिपाठी ने बताया शासनादेश का पालन कर कक्षाएं शुरू की हैं।
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