हमीरपुर। बदलते मौसम के कारण कान में दर्द और गले के मरीज बढ़ गए हैं। मौसम बदलने के कारण कान में रूखापन से सनसनाहट और भारीपन हो जा रहा है। इसके साथ ही गले में जकड़न के साथ बोलने पर दर्द की समस्या बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को कुल 582 मरीजों ने पंजीयन कराया। इनमें 303 पुरुष, 185 महिलाएं और 94 बालरोगी शामिल रहे। इनमें नाक, कान, गला रोग विभाग में कान में दर्द और गले के मरीज बढ़ गए हैं। रोजाना 45-50 मामले आ रहे हैं। विशेषज्ञ उन्हें बचाव और दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाने की सलाह दे रहे हैं। ठंड के मौसम में कई प्रकार की बीमारियां होती हैं। इसमें सर्दी, जुकाम से हमेशा परेशान रहने वालों को कान में भी दिक्कत हो रही है।
सर्दी के कारण कान में भारीपन, झझनाहट, दर्द और सुनने में परेशानी हो रही है। पिछले कई दिनों से होने वाले मौसम के उतार-चढ़ाव से इस प्रकार की समस्या बढ़ी है। क्योंकि, एलर्जी के जो मरीज हैं, उन्हें सर्दी और बुखार के बाद कान में भारीपन, सनसनाहट और गले में खराश और जकड़न हो रहा है।
इस प्रकार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में 45-50 मरीज पहुंच रहे हैं। मुस्करा क्षेत्र के बालकिशुन, सूरज सिंह और शिवम को कान से जुड़ी इसी प्रकार की शिकायत थी। इन्हें देखने के बाद डॉक्टरों ने पानी से बचाव और ठंड से बचने की सलाह दी है।
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मौसम में नमी के कारण बढ़ी दिक्कत
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विकास यादव ने बताया कि मानसून में नमी के कारण एलर्जी और फंगल इंफेक्शन के मरीज सामने आ रहे हैं। इसमें छींक अधिक आने, नाक के बहने और बंद हो जाने की समस्या मरीजों में देखने को मिल रही है। गले में खराश, शरीर में दर्द महसूस होने की समस्या को भी मरीज बयां कर रहे है। साथ ही कान में दर्द होने की शिकायत भी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।