फोटो 02 एचएएमपी 02- कानपुर-सागर हाईवे पर लक्षमीबाई चौराहे के पास कुछ इस तरह सवारी बैठाकर दौड़ र
हमीरपुर। हाईवे पर प्रतिबंध के बाद भी ई-रिक्शा चालक धड़ल्ले से फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के साथ ही ऊपर भारी-भरकम सामान लादकर भी इनका संचालन किया जा रहा है।
जिले में लगभग 10 हजार से अधिक ई-रिक्शा हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब छह हजार रिक्शों का पंजीयन है।शहर की सीमा से जुड़े कानपुर सागर हाईवे, हमीरपुर-कालपी फोरलेन हाईवे, राठ मार्ग के अलावा राठ-उरई हाईवे पर ये आसानी से सवारियां लेकर आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। बीते साल बेतरतीब ई-रिक्शों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से रूट प्लान व किराया निर्धारण को लेकर बैठकें हुईं, लेकिन ई-रिक्शा चालकों के विरोध-प्रदर्शन, प्रशासन की सुस्ती और जनप्रतिनिधियों की खींचतान के चलते अभियान जहां का तहां ठप पड़ गया।
हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। टीम लगाकर विभाग की तरफ से चेकिंग और कार्रवाई की जाती है। क्षमता से अधिक सवारी भरकर ले जाते ई-रिक्शा को सीज भी किया गया है। हाईवे पर संचालन को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी।
- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन