हमीरपुर। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विभिन्न बीमा कंपनियों के परामर्श से ई-डीएआर पोर्टल विकसित किया गया है। यह पोर्टल इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईरेड एप) के साथ मर्ज कर दिया गया है। जो सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित तत्काल जानकारी प्रदान करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने व मुआवजे के दावों में तेजी लाने में मदद करेगा। इस पोर्टल पर बीस दिन में दुर्घटना की फीडिंग करना अनिवार्य होगा। इसके बाद पिछली तारीख के मामले दर्ज नहीं हो सकेंगे।
डीआरएम राम चंद्र ने बताया कि ई-डीएआर पोर्टल की खासियत है कि जांच अधिकारियों के लाभ के लिए यह पोर्टल साइट के नक्शे के साथ दुर्घटना स्थल की जियो टैगिंग भी उपलब्ध कराएगा। यह जांच अधिकारी को घटना स्थल से उनकी दूरी के बारे में सूचित करने में मदद करेगा यदि पोर्टल को किसी अन्य स्थान से एक्सेस किया गया है। अन्य विवरण जैसे दुर्घटना स्थल, घायल पीड़ितों, क्षतिग्रस्त वाहनों, चश्मदीद गवाहों आदि के वीडियो और फोटो भी पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इस पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। दुर्घटना हॉटस्पॉट की भी पहचान की जाएगी ताकि इन हॉटस्पॉट पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक समाधान निकाला जा सके।
जनपद में शासन के निर्देश पर डाटा फीडिंग के लिए एसपी डॉ, दीक्षा शर्मा ने प्रत्येक थाना स्तर पर एक विशेष कमेटी गठित की है। जिसमें मोटर दुर्घटना क्लेम, दुर्घटना केस केे त्वरित निस्तारण के लिए यातायात प्रभारी घनश्याम सिंह को प्रशिक्षण कराने के लिए निर्देशित किया है।
जिम्मेदारों की लापरवाही से अगस्त और जुलाई का डाटा फीड नहीं किया गया है। इसमें अप्रैल के दो, मई का एक, जून के पांच, जुलाई के 10, अगस्त 27 केस अब तक पोर्टल पर फीड नहीं हैं।
जिला रोल आउट मैनैजर (डीआरएम) राम चंद्र ने बताया कि आठ माह में 187 दुर्घटनाएं हुई हैं। जिसमें 106 लोगो की मौत हुई है। 86 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 116 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। दुर्घटना में 307 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं पोर्टल में अब तक 187 में से 167 की ही फीडिंग हुई है। कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हास्पिटल के द्वारा भेजी गई रिक्वेस्ट को पुलिस विभाग द्वारा एक्सीडेंट आईडी से लिंक नहीं किया जा रहा है और ट्रांसपोर्ट व पीडब्लूडी व नेशनल हाईवे को रिक्वेस्ट नहीं भेजी जा रही है।