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डाक्टरों ने ठप की ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं

Tue, 31 May 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
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राठ में एसडीएम से अधीक्षक की शिकायत करते चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला
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सीएचसी अधीक्षक द्वारा चार चिकित्सकों को अनुपस्थित करने पर बात बिगड़ गई। कार्रवाई से भड़के चिकित्सकों ने ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं और एसडीएम से मिलकर अधीक्षक पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया।
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एसडीएम रामयश गौतम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी और चिकित्सकों को आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। तब कहीं जाकर चिकित्सक काम पर लौटे। इस दौरान करीब दो घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं और मरीज इधर-उधर भटकते दिखे।

 कस्बे की सीएचसी में चिकित्सक डा. एमके वर्मा, डा. मेहनाज सिद्दीकी, डा. मानसिंह राजपूत और डा. रविप्रताप की तैनाती है। इन चिकित्सकों ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि अस्पताल के अधीक्षक डा. आरके कटियार ने रविवार को यह कहते हुए उन्हें अनुपस्थित कर दिया कि सभी लापरवाह व गैरजिम्मेदार हैं। वह लोग राष्ट्रीय कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहे हैं। जबकि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई और न ही बुलाया गया।
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चिकित्सकों ने बताया कि अधीक्षक कभी भी ड्यूटी नहीं लगाते हैं। आरोप लगाया कि 16 मार्च से अब तक अधीक्षक ने न तो ओपीडी सेवाएं दी हैं और न ही पोस्टमार्टम की सेवाएं की हैं। चिकित्सकों ने कहा कि वह 12 से 24 घंटे तक काम करते हैं।

फिर भी उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। अधीक्षक उन्हें लेबर रूम में धन वसूली के लिए विवश करते हैं। इतना ही नहीं आफिस खर्च के नाम पर उनसे पैसा मांगा जाता है। मानसिक उत्पीड़न होने के कारण वह लोग चिकित्सीय सेवाएं देने में असमर्थ हैं।

एसडीएम रामयश गौतम ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों व अधीक्षक की बात सुनी और मामला शांत कराया। सुबह साढ़े ग्यारह से  लेकर डेढ़ बजे तक ओपीडी व इमरजेंसी की सेवाएं ठप रहीं। एसडीएम के समझाने पर चिकित्सकों ने काम शुरू किया।

एसडीएम ने कहा कि वह डीएम को इस मामले की जानकारी देंगे। वहीं, सीएचसी अधीक्षक डा. आरके कटियार का कहना है कि रविवार को चिकित्सकों के अनुपस्थित होने की सूचना सीएमओ के पास भेज दी है। वह चिकित्सकों का उत्पीड़न नहीं कर रहे हैं।
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