राठ (हमीरपुर)। मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने चिल्ली गांव में चौपाल लगाई। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, नहर आदि की समस्याओं से अवगत कराया। मंडलायुक्त ने एक सप्ताह के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। योजनाओं में लापरवाही देख कमिश्नर का पारा चढ़ गया।
मंडलायुक्त ने कहा शासन द्वारा चलाईं जा रहीं कुछ योजनाओं में अधिकारियों ने रुचि नहीं ली। अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर कैंप लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दें। नहर की सफाई व पानी कम आने की शिकायत पर जेई को फटकार लगाई। एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए।
जीरो पावर टू के बारे में अभी तक केवल कमेटी गठित होने व किसी ग्रामीण का डाटा फीड न होने पर नाराजगी जताते हुए सचिव से स्पष्टीकरण तलब किया। पीएम सौर ऊर्जा के लिए ग्रामीणों में जानकारी न होने से कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। कमिश्नर ने एसडीओ बिजली को फटकार लगाते हुए ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
शासन की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना में कैंप लगाकर 70 वर्ष की आयु वालों के कार्ड बनाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने बताया आंगनबाड़ी से मिलने वाली गुणवत्ताविहीन पंजीरी जानवर तक नहीं खाते हैं। कमिश्नर ने कमेटी गठित कर गुणवत्ता परखने के निर्देश दिए।
हर घर जल योजना में नियमित पेयजल आपूर्ति न होने की जानकारी मिली तो कमिश्नर ने नाराजगी जताई। योजना के अधिकारियों को प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराने व जनजागरूकता के लिए तैनात अनीता जायसवाल को फटकार लगाई। बरात घर, पंचायत घर आदि का निरीक्षण किया। डीएम घनश्याम मीना, सीडीओ, एडीएम, बीएसए, एसडीएम अभिमन्यु कुमार, तहसीलदार कुमार भूपेंद्र, ग्राम प्रधान सुमन जीतेंद्र कुमार आदि रहे।
अधिकारियों ने सड़क की दुर्दशा छिपाने की कोशिश की
हमीरपुर रोड गहरा चौकी से चिल्ली गांव तक सड़क दुर्दशाग्रस्त है। इसे छिपाने के लिए अधिकारी कमिश्नर को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे लिंक रोड से घुमाकर ले गए। स्थानीय अधिकारियों ने सड़क सही होने का हवाला दिया। जिसपर आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। मंडलायुक्त को मुख्य मार्ग से जाने का आग्रह किया। चौपाल के बाद ग्रामीण लिंक मार्ग पर खड़े हो गए और निकलने नहीं दिया। जब मंडलायुक्त मुख्य मार्ग गए तब अधिकारियों की पोल खुल गई।