हमीरपुर। जन कल्याणकारी योजनाओं में खुद का बेहतर साबित करने का ढिंढोरा पीटने वाले जिला प्रशासन की एक बार फिर पोल खुल गई। शासन की समीक्षा बैठक में आयुष्मान योजनांतर्गत लाभ लेने वाले लाभार्थियों की संख्या के मामले में जिले को 74वां स्थान प्राप्त हुआ है। जिस पर शासन ने कड़ी नाराजगी जताई है। जिस पर सुधार लाने को सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर लाभार्थियों को सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए है।
लखनऊ में शासन के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 16 मई को आयोजित समीक्षा बैठक में आयुष्मान योजनांतर्गत लाभ पाने वाले लाभार्थियों के मामले में जिले को 74वां स्थान मिलने पर खासी किरकिरी का सामना करना पड़ा है। प्रदर्शन को देखते हुए शासन ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। जिस पर सुधार लाने को सीएमओ डा. रामअवतार निषाद ने सभी सीएचसी प्रभारियों को दिशा निर्देश जारी किए है। जिसमें उन्होंने सीएचसी में योजना के लाभार्थियों को सुविधाएं प्रदान करने को कहा है। कहा कि योजना के मरीजों का पर्ची काउंटर अलग से बनाया जाए। जिनके आने पर सूचना आरोग्य मित्र को देते हुए सहयोग प्रदान किया जाए। साथ ही मरीज को वरीयता देते हुए जांच रिपोर्ट आदि प्रदान की जाए।
कहा कि प्रत्येक माह की एक, नौ, 16 व 24 तारीख को आयोजित होने वाली गर्भवती की जांच के समय उनकी पात्रा आरोग्य मित्र के माध्यम से पता करते हुए पात्र महिलाओं को प्रेरित किया जाए। साथ ही प्रत्येक आशा बहू को प्रत्येक माह पांच संभावित लाभार्थी मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल लाने का लक्ष्य देने की बात कही। सभी सीएचसी प्रभारियों व प्राथमिक चिकित्साधिकारियों को प्रत्येक माह 200 मरीज दर्ज करने का लक्ष्य दिया गया है।