हमीरपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वंदना अग्रवाल ने बताया कि मेडिएशन 2.0 अभियान के तहत मध्यस्थता सप्ताह मनाया जाएगा। इसमें सभी न्यायिक अधिकारियों से मध्यस्थता योग्य वादों को मध्यस्थता केंद्र भेजने के लिए कहा गया है। इससे मामलों का शीघ्र, सरल और कम खर्च में समाधान संभव होगा।
उन्होंने बताया कि मध्यस्थता वैकल्पिक विवाद निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था है। इसमें पक्षकार आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय, समयबद्ध और कम खर्चीली है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। सचिव ने कहा कि सभी न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और वादकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, ताकि लोगों को सुलभ, त्वरित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में न्याय मिल सके।