मौदहा। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पंडालों की सजावट जोरों पर है। इन पंडालों में सोमवार को देवी प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा। कोतवाली क्षेत्र के कुल 120 स्थानों पर दुर्गा पंडाल सजाए जा रहे हैं।
शारदीय नवरात्र आगामी 22 सितंबर से शुरू हैं। नगर में कुल 17 स्थानों में दुर्गा पंडाल सजाए जा रहे हैं। इनके अलावा क्षेत्र के खंडेह, करहिया, भैस्ता, सिजनौडा, मकरांव, टिकरी, कपसा, इचौली, नायकपुरवा, उरदना, सिजवाही, फत्तेपुर पुरवा, पढ़ोरी सहित अन्य गांवों में कुल 57 स्थानों में दुर्गा पंडाल सजाए गए हैं। वहीं, सिसोलर कस्बा में छह स्थानों पर दुर्गा पंडाल सजाए जा रहे हैं। इनके अलावा थानाक्षेत्र के भुलसी, भैंसमरी, टोलामाफ, भभई, छानी गउघाट, बेरी, बैजेमऊ, बुढ़ई, किसवाही, परेहटा, लेवा, पासुन सहित 40 स्थानों पर दुर्गा पंडाल सज रहे हैं।
कोतवाली प्रभारी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी नवदुर्गा कमेटियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गाइड लाइन के अनुसार पंडालों में बिजली सजावट के साथ ही
देवी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे मूर्तिकार
गहरौली। शारदीय नवरात्र नजदीक आते ही मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं को संवारने व सजाने में लगे हैं। कस्बा मुस्करा के गहरौली रोड में कस्बा निवासी राजेश प्रजापति कई सालों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं काे बनाने का कार्य करते आ रहे हैं। मूर्तिकार ने बताया कि उनको यह कला अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है। प्रतिवर्ष लगभग 50 से अधिक मूर्तियां तैयार करते हैं। एक मूर्ति तैयार करने में करीब 20 से 25 दिन का समय लग जाता है। इन्हें हमीरपुर, बिवांर, चरखारी, खरेला, मुस्करा सहित आस-पास के दर्जनों गांवों के भक्त खरीद कर ले जाते हैं। इसी से उसके परिवार का भरण पोषण चलता है। इस पेशे में ज्यादा आमदनी न होने तथा खर्चा अधिक होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो पाता है। (संवाद)