राठ में किशोरियों की मौत पर अस्पताल में गमगीन बैठे पिता व ग्रामीण।
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2015 जून में मौदहा बांध के गेटों की मरम्मत के दौरान छोड़े गए पानी के बाद विरमा नदी में मौरंग बहकर इकट्ठा हो गई। छोटी नदी में चंदौरा और भैसाय के बीच घाट में मौरंग एकत्र होने से ट्रैक्टर ट्राली से इसकी निकासी की जा रही है। इसके चलते ही भैंसाय घाट के पास गहरा गड्ढा हो गया और तीन किशोरियाें की डूबकर मौत हो गई।
विरमा नदी पर राठ क्षेत्र के छानी गांव के निकट मौदहा बांध स्थापित है। बांध मेें पानी रहने से गेटों के नीचे से नदी में पानी निकलता रहता है। पिछले साल जून में पुराने हो चुके बांध के गेटों की मरम्मत के दौरान अभियंताओं ने बांध के फाटक खुलवा दिए। ऐसे में बांध का पानी करीब दो दिनों तक बहता रहा। जिससे नदी में मौरंग इकट्ठा हो गई। आसपास के लोगों ने इसका फायदा उठा ट्रैक्टर-ट्राली के जरिये मौरंग उठान शुरू कर दी। करीब डेढ़ महीने से ये खेल जारी है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुस्करा सहित पूरे क्षेत्र में इसी नदी से मौरंग निकालकर बेची जा रही है। घाट में मौरंग निकालने से करीब 30 फिट गड्ढा हो गया। नदी में सिर्फ गड्ढों में ही पानी बचा है। गहराई अधिक होने से जवारे विसर्जित करने गईं किशोरियां हादसे का शिकार हो गईं। इस संदर्भ में खनिज विभाग के सर्वेयर ने कहा कि विरमा नदी पर अवैध रूप से खनन करने पर पिछले साल बिहूनी गांव में कार्रवाई की गई थी। अवैध खनन पर जुर्माना भी लगाया था। चंदौरा भैसायं में अवैध खनन की शिकायत नहीं मिली है। कहा कि वह देखेंगे और कार्रवाई करेंगे।