कस्बे में पीएचसी में तैनात एएनएम प्रसूता को अस्पताल ले जाने के बजाय अपने घर में प्रसव कराने लगी। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। पीड़िता के पति ने डीएम से शिकायत की।
के निर्देश पर एसडीएम सदर व सीओ सदर एएनएम के घर पहुंच उसके बयान दर्ज किए, जिसमें एएनएम ने प्रसूता को अपने घर ले जाने से इनकार कर दिया। एसडीएम का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली के कुछेछा गांवमें रह रहे राठ कोतवाली के अकौना निवासी श्यामबिहारी ने शुक्रवार को डीएम को शिकायती पत्र दिया। इसमें आरोप लगाया कि 13 13 सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर उसकी पत्नी मीरा को लेकर सुमेरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया। वहां गेट पर सरकारी नर्स मिथलेश मिली। वह उसे अस्पताल के बजाय अपने बांकी रोड स्थित आवास पर ले गई।
जहां पांच हजार रुपये लिए। प्रसव के दौरान बच्चे को जबरन खींचने से उसकी मौत हो गई। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर घर से बाहर कर दिया। डीएम आरपी पांडेय के निर्देश पर एसडीएम सदर विजय बहादुर यादव व सीओ सदर वैभव पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रसूता व एएनएम ने बयान लिए।
जांच के दौरान पता चला कि एएनएम मिथलेश सिंह करीब दो दशक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात है। पहले भी उस पर इस तरह से आरोप लग चुके हैं। उसका ट्रांसफर हो गया था, लेकिन करीब तीन माह बाद अधिकारियों से साठ गाठ कर पुन: पुराने अस्पताल में बने डिलेवरी रूम में ड्यूटी लगवा ली।