हमीरपुर। जिले में रसोई गैस को लेकर मारामारी मची हुई है। लोग सुबह से एजेंसियों पर पहुंचकर सिलिंडर लेने के लिए लाइन लगा रहे हैं। बुकिंग नंबर पर कॉल न लगने व मोबाइल नंबर पर ओटीपी न आने के कारण ऑनलाइन बुकिंग संभव नहीं हो पा रही। ऐसे में लोग बुकिंग कराने के लिए एजेंसी पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां पर स्वयं से बुकिंग कराने की बात कहकर उपभोक्ताओं को लौटा दिया जा रहा है।
हालात यह है कि बुकिंग कराने के लिए आधी-आधी रात में जागकर भी प्रयास कर रहे हैं, बावजूद इसके अधिकांश लोगों की बुकिंग संभव नहीं हो रही। जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग हो जा रही है वह, सुबह तड़के ही अपने सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पर पहुंच रहे हैं। इसमें कई ऐसे उपभोक्ता भी हैं, जिनकी गैस तो बुक हो गई है, लेकिन उनके पास कोई मैसेज नहीं आया है। ऐसे लोग एजेंसी से लौटा दिए जा रहे हैं। शादी-ब्याह वाले भी 15 किलोमीटर दूर जाकर तीन-तीन दिनों से एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं कस्बा के कई रेस्टोरेंट व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से ठंडे दिखे। बदनाम समोसा, लाखन होटल, देवपुरिया रेस्टोरेंट के मालिकों ने बताया कि गैस की कमी से काफी परेशानी हो रही है। एचपी गैस वितरक जगदीश शुक्ल कहते हैं कि गैस तो पर्याप्त है, लेकिन ओटीपी आने पर ही गैस दिए जाने के सख्त आदेश हैं।
बिवांर संवाद के अनुसार। विभूनी निवासिनी आमना ने बताया कि फोन पर ओटीपी नहीं आई तो दिन भर खड़े रहने के बाद घर वापस लौटना पड़ा।
15 किलोमीटर दूर से आए, तीन दिनों से लगा रहे चक्कर
जनपद कानपुर नगर के पड़री बरीपाल निवासी उपभोक्ता छोटू कहते हैं कि बहन की शादी आज (शनिवार) को तय है। बरीपाल एजेंसी में गैस नहीं है, यहां आए तो कह रहे हैं कि इसका सिलिंडर रिजर्व हो गया है, जबकि उपभोक्ता ने सिलिंडर लिया ही नहीं। तीन दिनों से चक्कर काट रहे हैं। सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं, अब तो लकड़ी की भट्ठी का ही प्रयोग करना होगा।
पांच दिनों से लगा रही दौड़, डेढ़ घंटे से सिलिंडर का इंतजार
जनपद कानपुर नगर के बरीपाल निवासी गुड़िया देवी कहती हैं कि पड़ोसी जनपद होने के चलते भारत गैस एजेंसी से कनेक्शन कराया था। पांच दिनों से बुकिंग के लिए दौड़ लगा रही हूं और आज बीते डेढ़ घंटे से सिलिंडर का इंतजार करते हो गया। अभी सिलिंडर नहीं मिला है।
फोटो 13 एचएएमपी- 14रामकिशोर। संवाद
ई-केवाईसी न होना भी गैस न मिलने की एक बड़ी वजह
जिले में उज्ज्वला योजना के उपभोक्ताओं की ओर से कनेक्शन की ई-केवाईसी कराई जा चुकी है। वहीं, अधिकांश सामान्य उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है। ऐसे उपभोक्ताओं को भी गैस नहीं दी जा रही। ज्यादातर गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम पर हैं, इसलिए ये महिलाएं अपनी ई-केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसी पर पहुंच रही हैं। पड़री निवासी उपभोक्ता रामकिशोर बीते तीन दिनों से ई-केवाईसी के लिए दौड़ लगा रहे हैं। लेकिन, भीड़ के चलते सफलता नहीं मिली। कहते हैं कि किताब जमा कर दी है, पता नहीं अभी और कितना इंतजार करना पड़ेगा।
सरकारी संस्थानों में रोजाना 104 व्यावसायिक सिलिंडर की खपत
जिला पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले भर में संचालित सभी सरकारी संस्थानों जिला कारागार, सरकारी अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पुलिस लाइन सहित अन्य प्रतिष्ठानों के लिए 104 व्यावसायिक सिलिंडरों की खपत की जाती है। बीएसए आलोक सिंह ने बताया कि एमडीएम व कस्तूरबा विद्यालयों में सिलिंडरों की ऐसी कोई समस्या अभी तक सामने नहीं आई है।
एक नजर आंकड़ों पर
सरकारी संस्थाएं - रोजाना आपूर्ति (कमर्शियल सिलिंडर)
जिला कारागार - 06
सरकारी अस्पताल - 03
शैक्षणिक संस्थान - 09
एमडीएम बेसिक - 65
पुलिस लाइन - 11
अन्य प्रतिष्ठान - 10
जिले में कुल उपभोक्ता
कुल एलपीजी एजेंसी - 20
कुल उपभोक्ता - 2,61,983
उज्ज्वला कनेक्शन धारक - 1,61,812
सामान्य उपभोक्ता - 1,00,171
कमर्शियल - 1006
रोजाना औसत बुकिंग - 2800
वितरण - 2400
केवल सिलिंडर बुकिंग की प्रक्रिया बदली
मुस्करा। कस्बा के राठ-हमीरपुर मार्ग निवासी वैभव द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने आज ही गैस सिलिंडर रिफिल कराया है। केवल सिलिंडर बुकिंग की प्रक्रिया बदल गई है। अब बुकिंग के साथ ओटीपी आने पर ही सिलिंडर दिया जा रहा है। सिलिंडर प्राप्त करने में उन्हें कोई समस्या नहीं हुई। वहीं, कस्बे में भारत गैस, एचपी गैस, और इंडेन गैस एजेंसियों की होम डिलीवरी गाड़ियां घूमती नजर आईं।
पेट्रोल में बढ़ी एथेनॉल की मात्रा
शहर निवासी जलीस खान ने बताया कि पहले जो बाइक एक लीटर पेट्रोल में 50 किलोमीटर जा रही थी, अब वही 35-40 किलोमीटर का ही सफर कर पा रही है। बाइक मिस्त्री भी एथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण माइलेज की समस्या बता रहे हैं। पहले 90:10 का अनुपात था और अब 70:30 के अनुपात पर पेट्रोल मिल रहा है। इससे गाड़ी के इंजन में भी खराबी आने की आशंका है।
लकड़ी के दामों में हुआ इजाफा
कुरारा। क्षेत्र में कमर्शियल सिलिंडर की किल्लत होने से बड़े प्रतिष्ठानों जैसे होटल, छोटे-मोटे कारोबारी व शादी समारोह करने वाले लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे गांव से लेकर शहर तक कमर्शियल सिलिंडर की मारामारी मची हुई है। लकड़ी के दामों में भी बीते 10 दिनों में 100 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। संवाद
100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े दाम
कस्बा निवासी आरा मशीन संचालक अवधेश गुप्ता ने बताया कि गांव से लकड़ी न आने से जलाऊ लकड़ी के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है। 10 दिन पूर्व जो लकड़ी 500 रुपये प्रति क्विंटल बेची जाती थी, अब वह 600 रुपये प्रति क्विंटल बेचनी पड़ रही है।
आम आदमी की जेब में बढ़ा भार
रिठारी गांव निवासी रामनरेश सिंह ने बताया कि गांव में शादी समारोह है। ऐसे में सिलिंडर न मिलने से लकड़ी भट्ठी का सहारा लेना पड़ रहा है। एक सप्ताह पूर्व जलाऊ लकड़ी 600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी और अब 700 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही है। युद्ध के चलते आम आदमी की जेब में भार बढ़ गया है।
सिलिंडर के लिए 25 हजार उपभोक्ता परेशान
भरुआसुमेरपुर। क्षेत्र की ग्रामीण गैस एजेंसियों में पिछले एक सप्ताह से गैस सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने से करीब 25 हजार उपभोक्ता परेशान हैं। कई स्थानों पर सिलिंडर पूरी तरह खत्म हो गए हैं, जबकि उपभोक्ता बुकिंग भी नहीं कर पा रहे हैं।
क्षेत्र की विवेक इंडेन गैस एजेंसी सुरौली बुजुर्ग, आकाश सोनी इंडेन गैस एजेंसी इंगोहटा और हितैषी इंडेन गैस छानी बुजुर्ग में आपूर्ति बाधित है। इन तीनों एजेंसियों में क्रमशः लगभग सात हजार, आठ हजार और दस हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। सुरौली बुजुर्ग में दो मार्च के बाद से गैस नहीं पहुंची है, जबकि इंगोहटा और छानी में नौ मार्च के बाद आपूर्ति बंद है। वर्तमान में इन एजेंसियों में सिलिंडरों की उपलब्धता शून्य बताई जा रही है। इधर कस्बे की एचपी गैस एजेंसी में भी शुक्रवार को गैस नहीं आई। बृहस्पतिवार को आए सिलिंडरों का ही वितरण किया गया। संवाद
बुकिंग नंबर बंद, हेल्पलाइन भी नहीं लग रहा
उपभोक्ता रामदास, गीता, किशन साहू, अरुण कुमार, कमल यादव, रंजीत कुमार और सोनू गुप्ता आदि ने बताया कि बुकिंग नंबर बंद आ रहे हैं। हेल्पलाइन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे समस्या और बढ़ गई है।
गैस की किल्लत से बंद होने की कगार पर ढाबे व रेस्टोरेंट
राठ। घरेलू गैस सिलिंडर पर 60 रुपये व कमर्शियल सिलिंडर पर 115 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। इसके बाद अफवाहों को और बल मिला है। वहीं, सरकार ने स्थिति सामान्य रखने के लिए कमर्शियल सिलिंडरों पर रोक लगा दी। इससे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट व फास्टफूड स्टॉल संचालकों में अफरा-तफरी मची है। खाद्य पदार्थों में महंगाई देखने को मिल रही है। साढ़े सात रुपये में मिलने वाला समोसा 10 रुपये में मिल रहा है। संवाद
आपूर्ति बहाल न हुई तो रिसॉर्ट में ताला डालने की नौबत
मां गौरी रिसॉर्ट के संचालक अवधेश पाठक ने बताया कि उनके यहां करीब चार दिन का गैस का स्टॉक बचा है। आपूर्ति बहाल न होने पर रिसॉर्ट में ताला डालने की नौबत आ सकती है। कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति जल्द शुरू न हुई तो कई प्रतिष्ठान बंद हो जाएंगे। वहीं, कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन अलका प्रजापति ने बताया कि विद्यालय में गैस सिलिंडर की कोई समस्या नहीं है।
घरेलू गैस सिलिंडर की है पर्याप्त उपलब्धता
भारत गैस एजेंसी के संचालक सतीश चंद्र ने बताया कि उनकी एजेंसी में 22,959 ग्राहक हैं। गैस सिलिंडर की प्रतिदिन दो गाड़ियां आती हैं। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं और कहीं कोई समस्या नहीं है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है। पारदर्शिता के लिए जिला प्रशासन को प्रतिदिन का डेटा भेजा जा रहा है।
लोग अपनी जरूरत के हिसाब से गैस सिलिंडरों की बुकिंग करें। किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें। रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल की जनपद में पर्याप्त उपलब्धता है। एथेनॉल की मिलावट का आरोप निराधार है। ऐसी कहीं कोई शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई कराई जाएगी। - बीके शुक्ल, जिला पूर्ति अधिकारी।