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वर्षों पुरानी मेला और दंगल की परंपरा टूटी

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शहर के रमेड़ी अखड़े में पसरा सन्नाटा। - फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। वर्षों से रक्षाबंधन पर रमेड़ी गोशाला में लगने वाला कजली मेला कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष नहीं लग सका। न ही दंगल का आयोजन हुआ। जिससे लोगों में मायूसी देखी गई। रमेड़ी गोशाला के पास प्रतिवर्ष रक्षाबंधन के दूसरे दिन कजली मेले का आयोजन होता रहा है।
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बुजुर्गों का कहना है यह मेला करीब 250 वर्ष पुराना है। प्रतिवर्ष यहां कजली मेले का आयोजन होता था। दूर दराज से मेले में दुकानें आती थीं। विशाल दंगल का आयोजन होता था। जिसमें नामी गिरामी पहलवानों के साथ अन्य जनपद व प्रांतों के पहलवान भी हिस्सा लेते थे। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासन के निर्देश पर मेले का आयोजन नहीं हुआ। जिससे परंपरा टूट गई। लोगों का कहना है कि कोरोना ने सभी त्योहारों के उत्साह को फीका कर दिया है। संवाद
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