यमुना नदी के क्षतिग्रस्त पुल को 25 जुलाई से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही मरम्मत का काम चलता रहेगा। क्योंकि मरम्मत के काम में अधिक समय लगने की संभावना है। जनता की परेशानियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पीएनसी के अवर अभियंता मनीष ने बताया कि यमुना नदी में बने पुल की मेजर ब्रिज इनपेक्शन यूनिट (एमबीआईयू) मशीन से जब गहन छानबीन की गई तो 4, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 14 नंबर की कोठियाें की बीम व स्लैब क्षतिग्रस्त पाई गई।
जिसमें सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त कोठी नंबर 11 थी। बताते चलें कि यमुना पुल में 18 कोठियां हैं जिनमें से अधिकांश कोठियों की स्लैब क्षतिग्रस्त हैं।
पुल की कोठी नंबर 10 और 12 की स्लैब तोड़कर उसकी मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। कोठी नंबर 11 का भी 70 फीसदी से अधिक हिस्सा क्षतिग्रस्त है जबकि अन्य कोठियंा 25 फीसदी क्षतिग्रस्त हैं।
अवर अभियंता का कहना है कि सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त 11 नंबर की कोठी की मरम्मत का काम हरहाल में 24 तारीख तक पूरा कर लिया जाएगा इस पुल को 25 जुलाई तक यात्रियों के लिए खोल देंगे।
साथ ही भारी वाहन भी निकलेंगे मगर अंडरलोड। जेई का साफ कहना है कि यह पुल बहुत कमजोर है, कई बार क्षतिग्रस्त होने के बाद भी वह मजबूती नहीं आ सकती।
जो पुल निर्माण के समय होती है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से जहां जिले के नागरिकों को परेशानी होती है वहीं व्यापार भी प्रभावित होता है। सबसे ज्यादा नुकसान पीएनसी का हो रहा है। जानकारी के मुताबिक रोजाना 25 लाख का राजस्व मिलता है और पुल टूटने से यह पैसा उन्हें नहीं मिल पा रहा है।