दैवी आपदा राहत में कम धनराशि की चेक देने का आरोप लगाकर लेखपाल की पिटाई
करने वाली महिला किसान और उसके पति पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ
दलित उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसडीएम ने भी घटना को गंभीरता
से लिया है। इसके चलते आरोपी महिला के आंगनबाड़ी कार्यकत्री होने पर उसकी
सेवा समाप्त करने की संस्तुति कर आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई है।
शुक्रवार
को तहसील परिसर में इंदरपुरा गांव की महिला किसान केशकुमारी ने गांव के
लेखपाल रामगोपाल पर प्राकृतिक आपदा की चेक कम धनराशि की बनाने तथा बीते
वर्ष की सूखा राहत चेक न देने का आरोप लगाकर पीटा था।
इस मामले में लेखपाल
रामगोपाल का कहना था कि वह सर्वे के बाद अनुपूरक चेक भी बना देगा। लेकिन
महिला झगड़ा करने लगी। तभी पति भी आ गया था। बाद में महिला के पति रामआसरे
को एसडीएम रामयश गौतम ने गार्डों से पकड़वाकर पुलिस के सुपुर्द कर प्रभारी
तहसीलदार शैलेंद्र चौधरी को जांच के निर्देश दिए थे।
शनिवार को लेखपाल
रामगोपाल ने महिला किसान केशकली व उसके पति रामआसरे के विरुद्ध थाना जरिया
में सरकारी कार्य में बाधा डालने व दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया।
क्षेत्राधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
एसडीएम रामयश गौतम ने बताया कि लेखपाल द्वारा सर्वे के बाद ही चेक बनाया
गया था। कुछ जमीन में अरहर की फसल थी। वह उसका भी मुआवजा मांग रही थी।
महिला गांव में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भी है। उसकी सेवा समाप्त करने की
संस्तुति कर आख्या जिलाधिकारी को भेजी गई है।