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मंडी में आ रहा गेहूं पतले के साथ ही दागी

Wed, 01 Apr 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
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गेहूं की बर्बाद फ सल समेटने के साथ किसान थ्रैसरिंग में जुटे है। यही कारण है कि कस्बे की मंडी में नए गेहूं की आवक शुरू हो गई है। बीते पांच दिन में मंडी में करीब एक हजार क्विंटल गेहूं की खरीददारी हुई है। मंडी में आने वाला गेहूं पतला और दागी होने से व्यापारी मनमाने दामों पर इसकी खरीद कर रहे हैं। किसानों के  मुताबिक इसकी पैदावार औसतन आधी से भी कम निकल रही है।
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बेमौसम बारिश से फसलें चौपट हो चुकी हैं। मटर, मसूर और चना की फसल 90 प्रतिशत क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जबकि गेहूं की फसल भी पूरी तरह बर्बाद है। इसमें किसानों और प्रशासन के मतों में भिन्नता है। एक ओर किसान 60 फीसद गेहूं की फसल नष्ट होने की बात कह रहे हैं। तो प्रशासन और कृषि विभाग गेहूं में 37 और लाही में 32 प्रतिशत क्षति होना बता रहा है।

थ्रेसरिंग के बाद मंडी में आने वाला गेहूं बेहद कमजोर है, उसमें कालापन आ गया है। ऐसे में उसका उचित दाम भी किसान को नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार को मंडी में 1310 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद हुई। हालांकि गल्ला व्यापारी इस गेहूं की खरीद तो कर रहे है, लेकिन बारिश और तेज हवाओं से मार खाकर जमीन पर गिरा गेहूं मानक पर नहीं उतर रहा है।
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उधर किसान की मजबूरी यह है कि खेतों में फै ले पड़े गेहूं की थ्रैसरिंग कर रहा है तो कहीं हार्वेस्टर से इसकी कतराई करा रहा है और मंडी में बिकी के लिए ला रहे हैं। वरिष्ठ निरीक्षक मंडी सतीश यादव ने बताया कि बीते पांच दिन से मंडी में नए गेहूं की आवक शुरू है। पांच दिन में 1 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं आ चुका है। एक अप्रैल से चार खरीद केंद्र खोले जाने हैं। गेहूं का सरकारी मूल्य 1450 रुपये है।
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