सुबह तीन बजे से हो रही अनवरत बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। अधिक बारिश होने से खेतों में तैयार खड़ी फसल खेतों में बिछ गई। वहीं जगह गंदगी व कीचड़ होने से लोगों को परेशानी का सामना कराना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार 40 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को ही आसमान में बादल छा गए थे। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें झलकने लगी थीं। रविवार भोर से ही बारिश का कहर शुरू हो गया जो शाम तक अनवरत जारी रहा।
अधिक बारिश होने के कारण खेतों में तैयार खड़ी सरसों, अरहर, लाही, गेहूं आदि की फसलें खेतों में बिछ गईं। बारिश से बर्बाद हुई फसल को देख किसान माथा पकड़ कर रह गए है।
भरुआसुमेरपुर प्रतिनिधि के अनुसार, बीते कई वर्षों से बुंदेलखंड में फरवरी व मार्च के महीने में ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से किसान बर्बाद होता आ रहा है। इस साल भी खेतों में लहलहाती फसलों का प्रकोप शनिवार से शुरू हुई बारिश से किसान सहमा है।
राठ प्रतिनिधि के अनुसार, बेमौसम बरसात होने सेे किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार को पूरे दिन होती रही। किसान मुन्ना महाराज, जगत, हल्के, रामस्वरूप का कहना है कि इस बेमौसम की बारिश से जहां एक ओर चना मसूर में आ रहे फूल झर गए। वहीं गेहूं की फसल भी खेतों में बिछ गई।