चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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अविवाहित चाचा की हत्या में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दो भाईयों को दोषी पाया। दोषियों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। इसमें एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
मौदहा कोतवाली क्षेत्र के करहिया निवासी पान सिंह (80) की 26 अगस्त 2013 को दोपहर करीब ढाई बजे सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया कि पान सिंह के हिस्से में 30 बीघा जमीन थी। वह अपने भतीजे शिवनारायन सिंह के पुत्र हरभान सिंह के साथ रहता था। इस पर दूसरे भतीजों करन सिंह उर्फ बंदर व बलवान सिंह पुत्र फूल सिंह और उनके भतीजे अवधेश सिंह पुत्र प्रताप को यह आशंका थी कि चाचा अपनी भूमि हरभान सिंह व उसके भाइयों को दे सकते हैं।
घटना के दिन महिलाएं हलछट की पूजा करने गईं थी। इसी बीच सोते समय हमलावरों ने कुल्हाड़ी व फरसे से उसकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर गला काट दिया था। हत्याकांड की रिपोर्ट पान सिंह के भतीजे हरभान ने मौदहा कोतवाली में दर्ज कराई थी। मुकदमे के दौरान अवधेश सिंह की मौत हो चुकी है।
इस मामले की सुनवाई मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (ईसीएक्ट) राधेश्याम यादव की अदालत में हुई। अदालत ने हत्या के मामले में दोनों भाइयों करन सिंह उर्फ बंदर व बलवान सिंह को दोषी पाया। दोषियों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी।