शनिवार की शाम तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली के गिरने से यमुना बेतवा
नदियों के संगम के पास खेतों में पूजन कार्य कर घर लौट रही महिलाएं आकाशीय
बिजली की चपेट में आ गई। जिसमें एक महिला की मौके पर मौत हो गई। जबकि एक
दर्जन महिलाएं झुलस गई है। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती
कराया गया है। उधर राठ में बिजली गिरने से एक किसान की मौके पर ही मौत हो
गई। खेत के पास मौजूद एक महिला और एक युवक घायल हो गए।
कोतवाली क्षेत्र
के मेरापुर गांव की करीब दो सैकड़ा महिलाएं शनिवार की सुबह पूजन कार्य के
लिए गांव से दो किमी दूर संगम तट के पास खेेत में गई थी। शाम करीब 5 पूजन
कार्य समाप्त होने के बाद महिलाएं घर लौट रही थी, तभी तेज बारिश के साथ
आकाशीय बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आकर भूरी (55) पत्नी शिवराम की मौके
पर मौत हो गई।
जबकि रामादेवी (50) पत्नी शिवचरन, पानकुंवर (45) पत्नी
राजेंद्र, उर्मिला (33) पत्नी रामबाबू, रजनी (25) पत्नी रामनिवास, सुखरानी
(56) पत्नी सिपाहीलाल, श्रीमती (38) पत्नी रामविलास, दरसनिया (65) पत्नी
दुर्गाप्रसाद, मंजू (17) पुत्री दुर्गा, राजेंद्रकुंमारी (40) पत्नी
घनश्याम, राजकुमारी (65) पत्नी सेवालाल, रमा (60) पत्नी मुखराज गंभीर रुप
से झुलस गई हैं। घायल महिलाओं को सदर अस्पताल लाया है। इसमें कुछ महिलाओं
की हालत में सुधार आ गया है।
राठ प्रतिनिधि के अनुसार, सिकन्दरपुरा
मोहल्ला निवासी हरीदास प्रजापति (36) पुत्र जग्गू का कस्बे से एक किमी दूर
औडे़रा रोड पर लीलाधर के बगीचे के पास खेत है। हरीदास ने कुछ दिन पहले खेत
में तिल की फसल बोई थी।
शनिवार को हरीदास अपने खेत की रखवाली कर रहा था।
शाम करीब साढे़ छह बजे अचानक बारिश होने लगी और तेज गडगड़ाहट के साथ आकाशीय
बिजली चमकने लगी। जिससे खेत में फसल की रखवाली कर रहे हरीदास के ऊपर बिजली
गिर गई। बिजली गिरने से खेत के पास खडे़ कैलाश पुत्र परमेश्वरी दयाल
निवासी बहगांव और उत्तम साहू की पत्नी बिजली की चपेट में आ गई।
बताते हैं
कि बिजली की तेज रोशनी से कैलाश की आंखों की रोशनी चली गई। कैलास अपने ससुर
बनमाली के साथ लीलाधर के बगीचा के पास एक प्लाट देखने गया था। बिजली
गिरने से हरीदास सहित घायलों को अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने
हरीदास को मृत घोषित कर दिया।