पौथिया में किशोरी की मौत पर रोते बिलखते परिजन।
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ललपुरा थानाक्षेत्र के पौथिया गांव निवासी एक किशोरी ने मां की डांट से क्षुब्ध होकर फंासी लगाकर आत्महत्या कर ली। घर में मां बेटी ही रहती थीं। घटना के दौरान मां मवेशियों का चारा-पानी करने गई थी। वहां से लौटी तो बेटी को फंदे में लटका देख चिल्ला पड़ी। थाना पुलिस ने किशोरी के शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।
पौथिया गांव निवासी रामसुफल कानपुर में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। एक बेटा रामऔतार कन्नौज में तो दूसरा बेटा रामनारायन दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। गांव में उसकी पत्नी रामदेवी व बेटी रानी अकेले रहती थी। रविवार की सुबह रानी (17) ने आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों की मानें तो 11 मई को रामसुफल की भांजी राजकुमारी की शादी सिसोलर गांव में थी, जिसमें रामदेवी अकेले गई थी। इसी दौरान उसकी बड़ी मां ने उसे किसी से फोन पर बात करते देखा और शुक्रवार को घर लौटी उसकी मां से इसकी शिकायत कर दी। इस पर उसने बेटी को डांट लगाई। बाद में शनिवार दोपहर करीब दो बजे उसकी बेटी घर से फिर कहीं चली गई।
इस पर उसकी मां उसे ढूंढती रही। लेकिन वह नहीं मिली। थक हार कर मां ने यूपी 100 पुलिस को फोन कर बुला लिया। पुलिस ने तलाश करने के साथ थाने में गुमशुदगी लिखाने की सलाह दी। करीब चार बजे किशोरी लौट आई। इस पर मां ने फिर उसे डांट लगाते हुए पूछताछ की। रानी ने सहेली के घर जाने की बात कही। शाम को दोनाें ने एक साथ खाना खाया और रात में आंगन में चारपाई पर सो गईं। रविवार सुबह रामदेवी सुबह उठकर जानवरों के बाड़े में चारा पानी को चली गई। वह पक्के कमरे का ताला भी लगा गई। जब वह लौटी तो उसने देखा की कमरे का ताला तोड़कर रानी उसी कमरे में पड़ी टीन के सपोर्ट में लगाए गए बांस से लटकी थी। मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम के दौरान तक मृतका का पिता व भाई नहीं पहुंचे थे। मोहल्ले वासियों व मौजूदा प्रधान, पूर्व प्रधान व पूर्व विधायक ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। थानाध्यक्ष ललपुरा प्रदीप कुमार ने बताया कि मां की डांट से क्षुब्ध होकर किशोरी ने फांसी लगा ली है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।