बिवार थानाक्षेत्र के छानीखुर्द गांव में करीब दस वर्ष पूर्व तीन भाइयों ने एक व्यक्ति को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन राधेश्याम यादव ने पांच वर्ष का कारावास व 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र
कुमार सक्सेना ने बताया कि पिछले चार दिसंबर 2006 को बिवांर थाना क्षेत्र के छानीखुर्द में गांव निवासी बीर सिंह के मामा का लड़का बच्चन निवासी कोहना थाना आटा जनपद जालौन तालाब के किनारे भैंसें चरा रहा था। वह ज्यादातर अपने फुफेरे भाई के यहां छानी गांव में बना रहता था। भैंस चराने के दौरान गांव
के ही रामपाल, इंद्रपाल व इंद्रजीत पुत्रगण रामजीवन कुशवाहा लाठी, डंडाें व बंदूक लेकर मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने बच्चन की बुरी तरह पिटाई कर दी। साथ ही उसे आढ़त में बांधकर डाल दिया। ग्रामीणों ने उसे बंधन से मुक्त कराया। घटना से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे हाथ पैर व सिर पर फ्रै क्चर
आया। जिसका इलाज सदर अस्पताल में परिजनों ने कराया। घटना की रिपोर्ट घायल के फुफेरे भाई बीर सिंह ने बिवांर थाने में दर्ज कराई। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने तीनों सगे भाइयों को पांच-पांच वर्ष के कारावास व 11-11 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।