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सराफ की हत्या कर आभूषण-नकदी लूटी

Mon, 27 Mar 2017 11:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
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मक्‍खनपुर में सर्राफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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दुकान बंद कर रहे सराफ जीतेश उर्फ भोला को सोमवार देर शाम बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मार दी और उससे नकदी व आभूषण से भरा लूटकर फरार हो गए। घायल सराफ को लेकर परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजनों और व्यापारियों पुलिस के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। उनका कहना है कि वारदात के बामुश्किल सौ मीटर की दूरी पर डायल 100 सेवा की गाड़ी खड़ी थी। लोगों ने तो बदमाशों का पीछा किया लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। जिला अस्पताल पहुंचे एसएसपी ने दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आश्वासन दिया है।
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जीतेश उर्फ भोला (22) थाना मक्खनपुर क्षेत्र के गांव नगला तुर्किया निवासी इंद्रदेव का पुत्र था। उसकी घर के सामने ही इंद्रदेव रामू ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। शाम करीब सवा सात बजे जीतेश दुकान बंद कर रहा था। जीतेश का बड़ा भाई रामू पड़ोस की दुकान पर बैठा था। इसी बीच सफेद कलर की अपाचे बाइक पर दो बदमाश वहां पहुंचे। जीतेश कुछ समझ पाता इससे पहले ही बदमाशों ने उसे गोली मार दी और उसके हाथ से थैला लूटकर भाग गए। जीतेश को गोली लगी देख रामू ने भाग रहे बदमाशों का पीछा कर एक बदमाश को पकड़ लिया। लेकिन वह बाद में छूटकर भाग गए। इस बीच काफी लोग एकत्रित हो गए। उन्होंने भी बदमाशों का पीछा किया, लेकिन एक भी बदमाश  हाथ नहीं आया। परिवारीजन घायल जीतेश को अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। जीतेश की मौत की पुष्टि होते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवारीजन शव को घर ले जा रहे थे। तभी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस एंबुलेंस में रखे शव के साथ जीतेश के परिवारीजनों को अंदर ले गई। इस बीच एसएसपी अजय कुमार भी आ गए। उन्होंने पीड़ित परिवारीजनों से बातकर घटना की जानकारी की। मृतक जीतेश के बड़े भाई रामू का कहना था कि जिस वक्त बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। उस वक्त सौ मीटर की दूरी पर पुलिस पिकेट है  और चौराहे पर यूपी 100 की गाड़ी भी खड़ी थी। वारदात के बाद भाग रहे बदमाशों का हम लोगों ने तो पीछा किया, लेकिन यूपी 100 की गाड़ी बदमाशों के पीछे नहीं दौड़ सकी। यदि पुलिस पीछा करती तो बदमाश पकड़े जाते। एसएसपी अजय कुमार ने पीड़ित परिवारीजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि वह दोषी पुलिसकर्मियों निलंबित करने के साथ ही तीन दिन के अंदर घटना का खुलासा कर बदमाशाें की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। तब कहीं जाकर परिवारीजनों का आक्रोश शांत हो सका।
सात भाईयों में सबसे छोटा था जीतेश
जीतेश सात भाईयों में सबसे छोटा था। दो भाई फौज में नौकरी करते हैं। जबकि अन्य भाईयों का अपना अपना-अलग कारोबार है। जीतेश की अभी शादी नहीं हुई है।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी कैमरे
वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल के समीप एक दुकानदार के यहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले। लेकिन उसके माध्यम से भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सबूत नहीं लग सके।
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वारदात से पूर्व की गई थी रैकी
क्षेत्रीय लोगों की माने तो बदमाशों ने घटना को अंजाम देने से पूर्व रैकी की है। क्योंकि समीप में ही सब्जी की दुकान के आसपास पिछले दो दिन से एक संदिग्ध युवक को देखा गया था। आज भी वह युवक वहां था। घटना से पहले वह किसी व्यक्ति से फोन पर बात कर रहा था। घटना होते ही वह गायब हो गया।
दो दिन पूर्व भी हुई थी लूट
घटना के बाद क्षेत्रीय दुकानदारों में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि 25 मार्च की शाम को अपाचे सवार बदमाशों ने मक्खनपुर थाना क्षेत्र के गांव भामई निवासी शैतान सिंह पुत्र मोहनलाल उस वक्त तमंचे के बल पर लूट लिया था। जब वह दुकान बंद कर घर जा रहे थे। शैतान सिंह की बिल्टीगढ़ चौराहे के समीप ओमशांति ज्वेलर्स के नाम से दुकान है।
पुलिस की लापरवाही से लोगों में था तीखा गुस्सा
चीख-चीख कर कह रहे थे लोग पुलिस कोशिश करती तो पकड जाते बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। घटना में पुलिस की लापरवाही को लेकर लोगों में काफी आक्रोश था। एसएसपी अजय कुमार जब जिला अस्पताल पहुंचे तो मक्खनपुर से आए लोग चीख-चीख कर कह रहे थे कि पुलिस चाहती को वारदात करने वाले पकड में आ जाते। पुलिस ने कोशिश नहीं की।
लोगों ने बताया कि पास की यूपी 100 की गाडी खडी थी हमलोग चीखे चिल्लाए फिर भी पुलिस ने मदद नहीं की। घटना के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं आयी।घायल  ज्वेलर्स जीतेश को लेकर हमलोग ही अस्पताल आए। जिला अस्पताल में भी न थाना उत्तर से कोई आया और न ही मक्खनपुर थाने से कोई आया। जीतेश की अस्पताल लाते-लाते मौत हो गई थी। आधे घंटे तक शव को लिए जिला अस्ताल में लोग इधर उधर भटकते रहे लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी नहीं था। तब लोगों ने सीधे एसएसपी को फोन किया। एसएसपी को फोन करने के बाद थाना उत्तर से फोर्स पहुंचा। लोगों में पुलिस के व्यवहार को लेकर इतना गुस्सा था कि वह शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ही ले जा रहे थे। इस बीच एसएसपी जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाया तब लोग शव का पीएम कराने को राजी हुए। मृतक का भाई चीख-चीख कर एसएसपी से कह रहा था पुलिस की उदासीनता से उसका भाई मर गया, पुलिस के सामने से बदमाश भाग गए किसी ने नहीं पकड़ा। एसएसपी ने कहा कि पुलिस को बदमाशों को पकड़ने की कोशिश तो करनी चाहिए थी।
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