चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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नरायच में करीब नौ वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति की महिला को पीटकर घायल करने के मामले की सुनवाई गुरुवार को विशेष न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अदालत में हुई। अदालत ने तीन सगे भाइयों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राकेश कुमार यादव ने बताया मौदहा कोतवाली क्षेत्र के नरायच गांव निवासी अनुसूचित जाति के पुन्ना पुत्र रामप्रसाद की पत्नी रामप्यारी उर्फ बिल्ली पिछले 10 मार्च 2010 की शाम करीब पांच बजे अपने घर के दरवाजे पर बैठी थी। तभी पुरानी घटना में चल रही मुकदमेबाजी की रंजिश में गांव निवासी सीताराम विश्वकर्मा, संतोष व मनोज ने उस पर लाठी-डंडों से प्रहार कर घायल कर दिया था।
मारपीट में रामप्यारी के हाथ व पैर फ्रैक्चर हो गए थे। मारपीट के बाद आरोपी महिला को अपमानित कर जानमाल की धमकी देकर चले गए थे। घायल की तहरीर पर मौदहा कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट कर धमकाने व एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी होनेे के बाद विशेष न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने तीनों आरोपियों को दोषी पाए जाने पर पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास व प्रत्येक को 17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।