ममना पावर सबस्टेशन से जुड़े गांवों को जल्द ही लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी। इस लाइन पर करीब पांच माह से चल रहा है। लेकिन कुछ अड़चनों के कारण बीच में काम ठप रहा। इधर पावर स्टेशन के लिए 33 केवीए की नई लाइन के काम में तेजी आई है। विभाग इस काम को दो माह में पूरा करने का दावा कर रहा है।
तहसील क्षेत्र मेें गोहांड, ममना व खेड़ाशिलाजीत पावर सबस्टेशन हैं। इन तीनों स्टेशनों से सरीला कस्बा व गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। तीनों पावर स्टेशन राठ के 132 केवीए के पावर स्टेशन से जुड़े हैं।
राठ से गोहांड के लिए 33 केवीए की लाइन अलग है। जबकि खेड़ाशिलाजीत व ममना एक ही लाइन से संचालित किए जा रहे हैं। जिससे ममना पावर स्टेशन में लो वोल्टेज व लोड की समस्या बनी रहती है।
सिंचाई के समय खेड़ाशिलाजीत और ममना को अलग-अलग समय में चलाकर आपूर्ति की जाती है। इस समस्या से निजात के लिए विभाग ने पांच माह पूर्व राठ से सीधे ममना पावर स्टेशन के लिए 33 केवीए की नई लाइन बनाने का काम शुरू कर दिया था। लेकिन खेतों में खड़ी फसलें खराब होने से किसानों ने इस काम को रुकवा दिया था।
विभाग के जेई निरंजन चौधरी ने बताया कि अब इस लाइन का काम शुरू हो गया है। कहा कि जून के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा। इस लाइन के बनने से ममना पावर स्टेशन में लो वोल्टेज व लोड की समस्या से लोगों को निजात मिल जाएगी।