कानपुर महानगर में स्वाइन फ्लू के दस्तक देने के बाद जिले में फैलने की
संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके पीछे हमीरपुर जिले के लोगों
का कारोबार कानपुर से होने के कारण रोजाना सैकड़ों लोगों का आना जाना होता
है। वायु जनित इस रोग के फैलाव को रोकने की जरूरत है। लेकिन जिले में इस
रोग के रोकथाम क ी कोई तैयारी नहीं की गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग
टैमीफ्लू टेबलेट्स उपलब्ध होने की बात कह रहा है। जबकि इसके लिए जिला
चिकित्सालय में एयर टाइट आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था नहीं की गई है। न ही
कोई टीम गठित हुई और न ही परीक्षण किट की उपलब्धता है।
जनपद मुख्यालय
से कानपुर महानगर क ी दूरी मात्र 65 किमी है। यहां का सारा कारोबार कानपुर
शहर पर टिका है। चाहे कोई मरीज हो या कोई सामान खरीदना हो लोगों को कानपुर
की सैर करनी पड़ती है। यदि वायु जनित स्वाइन फ्लू ने जिले में दस्तक दी तो
इसके फैलाव को रोक पाना स्वास्थ्य महकमे के लिए एक दिवा स्वप्न के समान
होगा।
देखा जाए तो स्वाइन फ्लू व बर्ड फ्लू की सूचना पर जिला स्तर पर समिति
गठित कर इससे लड़ने के लिए एक कार्य योजना तत्काल तैयार की जानी जानी
चाहिए। फैलाव की सूचना पर संबंधित समिति द्वभनारा गठित टीमें तत्काल रोगी
को उपचारित करने में आगे आती है। आम लोगों को इससे बचाव के लिए भी जागरूक
किया जाना है। फिलहाल इस जानलेवा गंभीर बीमारी पर अभी कोई विशेष ध्यान नहीं
दिया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.आरएस सोनी ने कहा कि अभी हाल में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए
टैमीफ्लू टेबलेट आई थी। अन्य तैयारियों पर
कोई सकारात्मक रणनीति बनाई जाएगी। तेजी से
सर्द और गर्म होते मौसम के कारण स्वाइन फ्लू पनप रहा है। कहा कि गले में
खरास, खांसी, जुकाम, बुखार, बदनदर्द इसके लक्षण हो सकते है। इस प्रकार के
लक्षण मिलने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।