भरुआसुमेरपुर कस्बे में डेंगू से एक युवक की मौत और दो सगे भाइयों के
कानपुर के अस्पताल में भर्ती होने से लोग भयभीत हैं। अब लोग अपने घरों के
आसपास एकत्र पानी की निकासी की व्यवस्था करने में जुट गए हैं। वहीं नगर
पंचायत की लापरवाही गंदे पानी की निकासी में भारी पड़ रही है। कई मोहल्ले
ऐसे हैं जहां पूरे वर्ष गंदा पानी भरा रहता है। अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत
नीतू सिंह ने कहा कि जलभराव वाले स्थानों को
खुद देखकर दवा छिड़काव के लिए जिला मलेरिया अधिकारी को पत्र लिखेंगी। दवा
की डिमांड की है। कोशिश होगी कि मंगलवार से पर्याप्त मात्रा में दवा का
छिड़काव शुरू हो जाए। जमा गंदे जल को निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की
जाएगी।
कचरा न हटने से गंदे पानी की निकासी रुकी
कस्बे के
चांदथोक व इमिलिया थोक को जोड़ने वाले रपटे के निर्माण के लिए करोनल नाला
में पुल बनाया गया है, लेकिन खुदाई के दौरान एकत्र कचड़ा ज्यों का त्यों
पड़ा है। जिससे आधे कस्बे का गंदा पानी इसी नाले में जमा हो रहा है। पानी
रुकने से नाले के आसपास रहने वालों को बदबू के साथ मच्छरों का प्रकोप झेलना
पड़ रहा है। इमिलिया थोक निवासी रामगणेश शास्त्री ने कहा कि रपटा निर्माण
से लाभ तो मिला लेकिन मुसीबत अधिक आ गई है।
खाली प्लाट लोगों के लिए मुसीबत बना
कस्बे
के वार्ड नंबर 11 में एक खाली पड़े प्लाट में पूरे मोहल्ले का गंदा पानी
एकत्र होता है। इस पानी को निकालने के लिए नगर पंचायत ने नाले का निर्माण
भी किया, लेकिन नाली की ऊंचाई अधिक होने के चलते अभी भी इस खाली प्लाट में
पूरे वर्ष पानी भरा रहता है। वार्ड सदस्य रामकिशोर सैनी का कहना है कि वह
जलनिकासी के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशाषी अधिकारी से कई बार मौखिक व
लिखित रूप में शिकायत कर चुका है, लेकिन नगर पंचायत ने इस पर कोई कदम नहीं
उठाया है। जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
रेलवे क्रासिंग के निकट बस्ती में जलभराव
कस्बे
के चांदथोक मोहल्ले के पानी की निकासी के लिए नाला बनवाया गया। जिसे रेलवे
बाउंड्री के पास खुला छोड़ दिया है और यहां गंदा पानी रेलवे क्रासिंग के
नीचे बसी बस्ती के पास एकत्र हो रहा है। गंदा पानी एकत्र होने से मच्छरों
का प्रकोप इतना अधिक है कि लोग खुली छत में सो भी नहीं सकते। मोहल्ला
निवासी वसीम अहमद का कहना है कि नगर पंचायत ने जलनिकासी के लिए अभी तक कोई
व्यवस्था नहीं की। जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई।