पांच दिन पूर्व जिला कारागार के निरीक्षण में डीएम को मिले तीन मोबाइल और
अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर बुधवार की शाम इलाहाबाद जोन के डीआईजी जेल
संतोष कुमार श्रीवास्तव ने जिला कारागार की पड़ताल की। उन्होंने तीन घंटे
तक रहकर जांच पड़ताल की। साथ ही बैरकों में जाकर विचाराधीन बंदियों से
समस्याओं की जानकारी ली।
शनिवार को जिला कारागार में निरुद्ध
विचाराधीन बंदी लाला उर्फ शफात ने जेल से डीएम को मोबाइल पर सूचना दी कि
जेल के एक अधिकारी ने उससे कहा कि वह एक अन्य विचाराधीन बंदी की हत्या कर
देे, नहीं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी।
इस पर डीएम ने पूरे
प्रशासनिक अमले के साथ कारागार का औचक निरीक्षण किया। बंदियों के पास से
तीन मोबाइल, एक उस्तरा और एक कैंची बरामद हुई। एक बैरक में कैदी के पास से
खाना बनाने के उपकरण सहित अन्य सामान बरामद हुए थे।
इस प्रकरण की
सूचना डीएम ने शासन को दी थी। सोमवार को कारागार में निरुद्ध सजायाफ्ता
बंदी भूपेंद्र सिंह ने भी न्यायालय में पेशी पर प्रार्थना पत्र देकर अपने
को असुरक्षित बताते हुए जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
सोमवार
को ही दूसरे बंदी लाला उर्फ शफात की पेशी थी, मगर वह पेशी पर नहीं आया।
मंगलवार को लाला उर्फ शफात के पिता कल्लू उर्फ मुबारक ने न्यायालय को दिए
प्रार्थना पत्र में कहा कि 7 फरवरी को जेल प्रशासन ने उसके पुत्र और भतीजे
छिद्दन को इतना ज्यादा मारापीटा कि वह न्यायालय पेशी पर नही आ सके।
इन्हीं
सब कारणों को लेकर बुधवार की शाम इलाहाबाद जोन के डीआईजी जेल मुख्यालय
पहुंचे। उन्होंने जेल में महिला बैरक सहित अन्य बैरकों में बंदियों से
समस्याएं जानी और प्रकरण के बारे में विचाराधीन बंदी लाला उर्फ शफात,
भूपेंद्र यादव आदि के बयान लिए।
डीआईजी जेल ने बताया कि वे मामले
की जांच करने आए थे। अभी जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट वे शासन को देंगे।
इसके बाद डीआईजी डीएम से मिलने उनके आवास गए।