इमिलियाबाड़ा मोहल्ले में संत शिरोमणि रविदास की 636वीं जयंती आस्था व
श्रद्धा से मनाई गई। लोगों ने संत रविदास के विचारों को जीवन में उतारने का
संकल्प लिया। इसी प्रकार मौदहा, सरीला व बिवंार में आयोजन किए गए।
मुख्य
अतिथि रामप्रकाश सविता ने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा, स्वामीजी का
यह विचार जीवन में उतार लिया जाए तो मनुष्य को कहीं भटकने की जरूरत नहीं
है। विशिष्ट अतिथि सोनकुमार कन्नौज ने कहा कि स्वामी रविदास सत्यदर्शी संत
थे। मन, वाणी व कर्म से उन्होंने ईश्वर का सानिध्य पा लिया था।
इस दौरान
डा.रघुवर प्रसाद, सभासद अरूण वर्मा, बृजेंद्र वर्मा, डा.एसपी प्रभाकर ने भी
विचार व्यक्त किए। मशहूर कलाकार लालता प्रसाद, लेखराम व सुखदेव आदि ने भजन
प्रस्तुत किए। संत रविदास के साथ बिहार लेनिन जगदेव कुशवाहा को भी उनकी
जयंती पर याद किया गया। संचालन शिक्षक अंब्रीश कुमार ने किया।
मौदहा
प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को संतजी की शोभायात्रा निकाली गई। जो कसबे के विभिन्न
मार्गो से होते हुए मीरा तालाब के निकट अंबेडकर पार्क में समाप्त हुई।
गोष्ठी में सदर विधायक शिवचरन प्रजापति ने कहा कि उनकी सपा सरकार ने जितनी
बेहतर योजनाएं दी वह अन्य किसी सरकार में नहीं दीं। उन्होंने धर्मशाला के
विकास व संतजी की प्रतिमा की स्थापना में सहयोग देने की बात कही।
बिवंार प्रतिनिधि के अनुसार संत रविदास
की जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार को पुरवा मोहाल में रविदास रामायण का
पाठ आयोजित किया, जो मंगलवार को समाप्त हुआ। फिर संत कबीरदास, सूपा ऋषि,
संत गाडगे, भगवान गौतमबुद्ध, महात्मा ज्योतिबा फूले, एकलव्य आदि की
झांकियां निकाली गईं।