शीतलहर के कहर ने सबको हिलाकर रख दिया है। सोमवार साल का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री पहुंच गया तो अधिकतम तापमान भी 12.2 डिग्री पर चल रहा है। भीषण ठंड से सड़कों पर आवागमन ठप सा है। लोग जरूरी काम होने पर ही घर से निकल रहे हैं।
कड़ाके की ठंड और सर्द हवाएं लोगों को अलाव के नजदीक जाने को विवश कर रही है। हालत यह है कि दिन में धूप न निकलने और कोहरा छाए रहने से लोगों का जीना मुहाल है। फिलहाल दो वर्ष पूर्व पड़ी भीषण ठंड की याद लोगों में ताजा है। तब न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री पहंचा था।
भीषण ठंड का सर्वाधिक असर पशु पक्षियों पर अधिक देखा जा रहा है। दुधारु पशु ठंड के चलते दूध कम दे रहे है। बीते चार दिनों से धूप के दर्शन नहीं होने से मौसम के तेवर तीखे चल रहे है। सोमवार को ठिठुरन और बढ़ गई। न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री से गिरकर 3.6 डिग्री पहुंच गया। वहीं दिन भर आसमान में बादल छाए रहे।
दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से कुछ राहत मिली तो अधिकतम तापमान एक डिग्री मजबूत होकर 12.2 सेल्सियस पर पहुंच गया। फिलहाल गलन भरी सर्दी में स्कूल कालेज बंद हो जाने से बच्चों को राहत मिली है। वहीं प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की कमी देखी जा रही है।
ठंड के दो की मौत
भरुआसुमेरपुर। ठंड और कोहरे का कहर सोमवार को भी जारी रहा। इस भीषण शीतलहर में भौनिया गांव निवासी गंगवा साहू (70) अपने खेतों में रखवाली कर रहा था। इसी बीच वह ठंड का शिकार हो गया और रविवार की रात झोपड़ी में मृत पाया गया। उधर, इसी गांव की वृद्धा कल्लन (60) शुक्रवार को खेतों में हरियाली लेने गई थी। जिससे वह ठंड की चपेट में आ गई और बीती रात उसने घर में दम तोड़ दिया।