13 दिन से न्यायिक कार्य से विरत चल रहे वकीलों ने
मंगलवार से न्यायालयों की ओर रुख किया। न्यायिक कार्य शुरू होने से अदालतों
और वकीलों के बस्तों में वादकारियों की भी चहल-पहल बढ़ गई है।
बिजली
कटौती के विरोध में 19 अगस्त को अधिवक्ता संघ ने मुख्यालय में प्रदर्शन कर
सबस्टेशन का घेराव कर नारेबाजी की थी। जिसके चलते अधिशाषी अभियंता विद्युत
ने अज्ञात वकीलों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया।
इस मुकदमे
के बाद से अधिवक्ता नाराज हो गए। मुकदमे को स्पंज किए जाने को लेकर
अधिवक्ता संघ न्यायिक कार्य से विरत रहा। सोमवार को हमीरपुर बंद तक का
आयोजन किया।
उधर, दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रहे दरोगा सुरजीत कुमार ने
अज्ञात अधिवक्ताओं की पहचान न होने पर मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाकर
विवेचना समाप्त कर दी।
जब यह खबर वकीलों को लगी तो उनमें खुशी की लहर दौड़
गई और बार संघ भवन में बैठक कर वकीलों ने मंगलवार से न्यायिक कार्य पर
लौटने की साथियों से अपील की।
वरिष्ठ अधिवक्ता जयकरन सिंह का कहना है कि
हड़ताल के दौरान कार्य तो लंबित होता ही है साथ वादकारियों को खासी परेशानी
होती है। मांगे मान लेने पर आज से कार्य शुरू कर दिया है।
जिला अधिवक्ता
संघ के अध्यक्ष रामसिंह राजपूत ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत हुई है। 13
दिन से जारी न्यायिक कार्य का बहिष्कार समाप्त हो गया है। इससे अधिवक्ताओं व
वादकारियों में खुशी है। बोले कि आंदोलन में सभी ने सहयोग किया, वह संघ की
ओर से सभी का आभार जताते हैं।