सरीला क्षेत्र के करियारी गांव में प्राकृतिक आपदा के बाद बची खुची फसल आग
से जलकर राख हो गई। फसल जलते देख किसान फफक कर रो पड़ा और जुबान से यही
निकल रहा था कि अब कैसे करूंगा बेटी की शादी। पीड़ित किसान को एसडीएम ने
आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।
करियारी गांव के सुंदरलाल
यादव के तीन बेटे विनोद, अशोक व भूरा है। जिनके पास 7-7 बीघा जमीन है। उसका
सबसे छोटा बेटा विनोद खेती के साथ मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाता है। 30
अप्रैल को उसकी बेटी पूनम की शादी होनी है।
बेटी की शादी के लिए विनोद ने
इस साल पूरे सात बीघे खेत में गेहूं बोया था और मेहनत मजदूरी से भी रुपये
जोड़ रहा था। दैवीय आपदा से उसकी आधी फसल नष्ट हो गई थी। गुरुवार रात करीब
12 बजे उसके खेत में कटी एकत्र फसल में अचानक आग लग गई। जब तक ग्रामीणों को
समझ में आता आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
लोग आग बुझाने को दौड़े
लेकिन तब तक पूरी फसल खाक हो चुकी थी। आग में धधकती फसल देखकर विनोद फफक
फफक कर रोने लगा। ग्रामीणों ने उसे समझाया बुझाया। बस वह यही कह रहा था कि
अब बेटी के हाथ कैसे पीले करेगा।
विनोद ने इसकी सूचना एसडीएम को दी। एसडीएम
रामयश गौतम ने बताया कि गांव के लेखपाल योगेंद्र पटेल ने जांच कर ली है।
किसान की गेहूं की पूरी फसल खाक हो गई है। उसे खलिहान बीमा योजना के तहत
आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।